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    दिल्ली में 30 दिसंबर को होगा आॅड-ईवन पाॅलिसी का ट्रायल

    दिल्ली में आॅड-ईवन फाॅर्मूला लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में हैं। इसका ट्रायल मंगलवार (30 दिसंबर) को होगा। ट्रायल का वक्त सुबह आठ से रात आठ बजे तक रहेगा। इस दौरान सभी कानूनों को अमल में लाने के लिए इंतजामों को परखा जाएगा।  ट्रायल के दौरान नियम का उल्लंघन करने वालों को दंडित नहीं किया जाएगा।

    अक्षित
    अक्षित
    published on दिसंबर 29, 2015 19:47 ist
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    published onDec 29, 2015 19:47 IST
    last updated onDec 29, 2015 19:47 IST
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    हालांकि अभी भी इस नियम को लेकर लोगों के मन में कई आशंकाएं बनी हुई हैं। ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम की वजह से यात्रियों का दबाव एकदम से बढ़ेगा और दिल्ली का मौजूदा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम इसे संभाल नहीं पाएगा। वहीं दूसरी ओर आप सरकार इस नियम और इंतजामों को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है।

    इस बारे में दिल्ली के  ट्रांसपोर्ट मंत्री गोपाल राय ने उम्मीद जताई कि यह फॉर्मूला सफल रहेगा। उन्होंने कहा कि ‘1 से 15 जनवरी के दौरान मेट्रो तीन हजार से ज्यादा फेरे लगाएगी। वहीं दिल्ली से गुडगांव और नोएडा के लिए स्पेशल बस सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा जिन-जिन जगहों से ज्यादा मांग आएगी वहां से भी विशेष बस सेवाएं शुरू की जाएंगी।’  

    गौरतलब है कि यात्रियों के दबाव को देखते हुए पहले दिल्ली सरकार ने छह हजार अतिरिक्त बसें उतारने की बात कही थी, जिसे बाद में तीन हजार कर दिया गया। इस कदम पर गोपाल राय ने कहा कि ‘ऑड-ईवन फॉर्मूले के तहत केवल कारें और बड़ी गाड़ियां आएंगी, दोपहिया वाहनों को इससे बाहर रखा गया है। ऐसे में तीन हजार अतिरिक्त बसें काफी होंगी। ऑड-ईवन फॉर्मूले से यात्रियों को दिक्कत न हो। इसके लिए दिल्ली एनसीआर में 1 जनवरी से तीन हजार अतिरिक्त बसों को चलाया जाएगा। मेट्रो स्टेशनों पर सीआईएसएफ के अतिरिक्त जवानों को भी तैनात किया जाएगा ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।’

    यह भी पढ़ें: बजट-2016 और भारतीय ऑटो जगत की उम्मीदें

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    अक्षित
    <p><span>While growing up, anything on wheels fascinated Akshit. Since then he turned into a Wheel-O-Addict and automobiles became the love of his life. His zeal to explore more about wheels, pushed him to pursue Automobile Engineering, which certainly helps in adding more technicalities to his over-all passion. He began working as an automobile journalist- the field that allows him to explore both two-wheeler and four-wheeler market existing in India and form a substantial perception about them. A true Punjabi by heart, jolly by nature and a food buff; Akshit believes in spreading happiness around and make every possible one smile.</span></p>और देखें

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