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    भारत में जम्मू-कश्मीर में मिला लिथियम का बड़ा भंडार: बैटरी बनाने में होता है इसका इस्तेमाल, क्या अब इलेक्ट्रिक गाड़ियां हो जाएंगी सस्ती?

    इलेक्ट्रिक कार में लिथियम आयन बैटरी पैक सबसे महंगे होते हैं और देश में इसका रो-मैटेरियल मिलने से इसकी कीमतें कम हो सकती है

    रुचिका
    रुचिका
    Published On फरवरी 10, 2023 16:40 ist
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    published onFeb 10, 2023 16:40 IST
    last updated onFeb 10, 2023 16:40 IST
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    Lithium Reserves India

    • भारत में पहली बार लिथियम का भंडार मिला है।
    • 5.9 मिलियन टन लिथियम जम्मू-कश्मीर में पाया गया है।
    • 9.3 मिलियन टन लिथियम के साथ चिली विश्व में लिथियम भंडार के मामले में सबसे आगे है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा 6.2 मिलियन टन लिथियम मिला है।
    • भारत अब नॉन-फेरस मटीरियल के बड़े भंडार वाले देशों में से एक बन गया है।

    भारत में पहली बार जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हैमाना क्षेत्र में लिथियम के भंडार पाए गए हैं। इस क्षेत्र में लिथियम और सोने के 51 खनिज ब्लॉक के साथ 5.9 मिलियन टन लिथियम मिला है।

    Budget 2023 Auto Sector

    यह खोज भारतीयों के लिए गर्व की बात है। वर्तमान में चिली में 9.3 मिलियन टन लिथियम का सबसे बड़ा भंडार है और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा 6.2 मिलियन टन लिथियम मिला है। 5.9 मिलियन टन लिथियम के साथ अब भारत दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडार वाले देशों में से एक बन गया है।

    देश

    रिज़र्व (टन में)

    2022 रिफाइनमेंट व प्रोडक्शन (टन में)

    चिली 

    9.3 मिलियम 

    0.39 मिलियम 

    ऑस्ट्रेलिया 

    6.2 मिलियम 

    0.61 मिलियम 

    भारत 

    5.9 मिलियम 

    -

    अर्जेंटीना 

    2.7 मिलियम 

    0.06 मिलियम 

    चीन 

    2 मिलियम 

    0.19 मिलियम 

    यूएसए 

    1 मिलियम 

    -

    हालांकि, उत्पादन और रिफाइनिंग अपने आप में एक काफी मुश्किल कार्य है और इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक की आवश्यकता होती है। उदाहरण के तौर पर ऑस्ट्रेलिया का खदान उत्पादन 0.6 मिलियन टन है, लेकिन चिली ज्यादा रिज़र्व मौजूद होने के बावजूद भी सिर्फ 0.39 मिलियन टन का उत्पादन करता है। अब देखना यह होगा कि भारत अपने रिज़र्व से कितना उत्पादन करता है।

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    भारत में तैयार और असेंबल की जाने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों में इम्पोर्टेड लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। अब देश के पास अपना खुद का रिज़र्व है, ऐसे में लिथियम-आयन बैटरी के स्थानीय निर्माण में वृद्धि देखने को मिल सकती है।

    इससे ग्राहकों को ये फायदा मिलेगा कि अब इलेक्ट्रिक कारें ज्यादा सस्ती हो जाएंगी। बता दें कि इलेक्ट्रिक कारों में लगे बैटरी पैक सबसे ज्यादा महंगे होते हैं। नेक्सन ईवी में लगे बैटरी पैक की कीमत 7 लाख रुपए के आसपास है, जबकि इस एसयूवी की कीमत करीब 15 लाख रुपए है।

    यह भी पढ़ें: टोयोटा मिराई हाइड्रो कार से संसद पहुंचे नितिन गडकरी, शेयर किया अपना एक्सपीरियंस

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    रुचिका
    <p>An IT graduate, she took the road of writing. Ruchika loved to give words to her imaginations and thoughts. Finding herself out the league, Ruchika started writing for different domains just after her engineering. She believes in working on simple ideas which are the sole reason that brought her to Cardekho. The company is a &ldquo;Simple Idea&rdquo; that worked perfectly. According to her &shy; 'The simplest of ideas, becomes really complicated, when you start to explore it deeper.'</p>और देखें

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