जल्द हाईवे और एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाना हो जाएगा महंगा, एनएचएआई हर साल टोल टैक्स बढ़ाने की बना रही है योजना
एनएचएआई ने कर्ज को कम करने के लिए रोड टैक्स बढ़ाने की योजना बनाई है
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जब भी हम रोड ट्रिप पर या किसी दूसरे शहर जाते हैं तो हमें फ्यूल और टोल टैक्स पर जेब से काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। देश में आम लोग इस समय पेट्रोल-डीजल की ज्यादा कीमत से पहले ही परेशान है, अब एनएचएआई ने टोल टैक्स बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे हाईवे पर गाड़ी ड्राइव करना ज्यादा महंगा हो जाएगा।
टोल टैक्स बढ़ाने का कारण

एनएचएआई पर 3.43 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है जिसे कम करने के लिए कुछ तरीके अपनाएं जा रहे हैं। इनमें हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स बढ़ाकर कर्ज को कम करना सबसे प्रमुख तरीका है। इसके अलावा नए हाईवे और एक्सप्रेस पर भी काम चल रहा है जिनसे टोल टैक्स की राशि बढ़ेगी और इससे एनएचएआई को जल्दी अपना कर्ज कम करने में मदद मिलेगी।
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एनएचएसआई से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि अगले 10 साल तक टोल टैक्स हर साल करीब 10 प्रतिशत बढ़ेगा, जिससे साल-दर-साल हमारा हाईवे पर कार ड्राइव करना महंगा हो जाएगा।
3 प्रमुख एक्सप्रेसवे और उनके टोल का अनुमान

भारत में काफी सारे नेशनल हाईवे और कुछ एक्सप्रेस वे हैं, और कुछ पर फिलहाल काम चल रहा है, इनमें तीन एक्सप्रेसवे तो भारत के कुछ प्रमुख शहरों को जोड़ते हैं। यहां हम एनएचएआई की योजना के आधार पर एक छोटा का हिसाब लगाएंगे और जानेंगे कि आने वाले समय पर आपको इन रूट पर कितना टोल टैक्स देना होगा।
यमुना एक्सप्रेस (दिल्ली - आगरा): वित्तीय वर्ष 2023-24 में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक कार का 440 रुपये का टोल टैक्स (वन-वे) लगता है। अगर 2024-25 में टैक्स 10 प्रतिशत बढ़ता है तो यह राशि 484 रुपये हो जाएगी और 10 साल बाद यह राशि 1140 रुपये हो सकती है।
यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे (मुंबई - पुणे): वर्तमान में मुंबई से पुणे एक कार में जाने पर आपकी जेब से 320 रुपये टोल टैक्स के खर्च होते हैं। अगले साल यह खर्चा बढ़कर 352 रुपये हो जाएगा, और अगले 10 साल बाद इस रूट पर आपका खर्चा 830 रुपये हो सकता है।
दिल्ली - जयपुर एक्सप्रेसवे: दिल्ली से जयपुर का रूट भी अक्सर इस्तेमाल होने वाला है। इस रूट पर वर्तमान में एक कार पर 305 रुपये का टोल खर्च होता है। एक साल बाद यह खर्चा 335 रुपये और 10 साल बाद करीब 790 रुपये हो जाएगा।
कमर्शियल वाहन जैसे ट्रेलर ट्रक चलाने वालों को टोल पर और भी ज्यादा खर्च करना पड़ेगा, क्योंकि इनसे कार की तुलना में ज्यादा टोल टैक्स वसूला जाता है। इससे कई इंडस्ट्री की लागत बढ़ जाएगी और इससे प्रोडक्ट की कीमत भी बढ़ सकती है। ऐसे में हम यह कह सकते हैं कि टोल टैक्स बढने से हाईवे पर गाड़ी ड्राइव करना तो महंगा होगा ही, साथ ही रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो जाएंगी।
कर्ज कम करने के अन्य तरीके

एनएचएआई हाईवे पर ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, फुड कोर्ट और अन्य सर्विस रिलेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर लगाकर भी अपना कर्ज कम कर सकती है। इससे ऑर्गनाइजेशन सेल्स/रेंट के जरिये अच्छा खासा पैसा कमा सकती है और इससे आम पब्लिक को भी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा मिलेगा।
दिनों दिन बढ़ रही फ्यूल की कीमतों और एनएचएआई के इस प्लान से निश्चित रूप से हमारा ट्रेवल करना महंगा हो जाएगा। आपके इस बारे में क्या विचार है, हमें नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।