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    ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब आरटीओ में नहीं देना पड़ेगा कोई टेस्ट, आ गया नया नियम

    सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अब ड्राइविंग लाइसेंस देने के लिए एक नया नियम निकाला है जिसके तहत मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से ड्राइविंग सीख रहे नए ड्राइवर्स को लाइसेंस के लिए आरटीओ पर जाकर किसी तरह का कोई टेस्ट देने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। 

    भानु
    भानु
    Published On जून 16, 2021 19:13 ist
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    published onJun 16, 2021 19:13 IST
    last updated onJun 16, 2021 19:13 IST
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    यदि आपने अब तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवाया है और बनवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है।

    भारत में तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण व्हीकल्स की संख्या भी काफी बढ़ रही है ऐसे में लाइसेंस देने की प्रक्रिया काफी जटिल होती जा रही है और इसमें पेंडेंसी भी काफी ज्यादा चल रही है। सरकार की ओर से ये नए नियम जुलाई 2021 तक प्रभावी रूप से लागू कर दिए जाएंगे। इस नई पॉलिसी से जुड़ी 5 खास बातों के बारे में आप जानेंगे आगे:-

    1.लर्निंग सेंटर्स पर सिम्यूलेटर्स और टेस्ट ट्रैक्स अनिवार्य 

    सरकार के नए नियमों के हिसाब से हाई क्वालिटी ट्रेनिंग के लिए अब अधिकृत ड्राइविंग ल​र्निंग सेंटर्स पर सिम्युलेटर्स और ड्राइविंग ट्रैक्स अनिवार्य होंगे। 

    2. ड्राइविंग टेस्ट जरूरी नहीं 

    ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए अब आपको कोई ​प्रैक्टिकल टेस्ट देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जो उम्मीदवार अपने लर्निंग सेंटर्स पर ही टेस्ट को पास कर लेंगे वो सीधा लाइसेंस के लिए अप्लाय कर सकेंगे। 

    3.स्पेशलाइज्ड कोर्स

    यदि आप ड्राइविंग में ही कोई अलग तरह का कोर्स करना चाहते हैं तो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्रों पर आप उसका कोर्स कर सकते हैं और आपको पूरी ड्राइविंग सीखने की जरूरत नहीं है। यूं समझिए कि यदि आपको व्हीकल ड्राइव करना आता है और आपने हाईवे पर आजतक गाड़ी ड्राइव नहीं की है तो ऐसे केंद्रो पर आपको इसका प्रशिक्षण दे दिया जाएगा। 

    यह भी पढ़ें: देश में जल्द लागू होने जा रहे हैं गाड़ी के टायरों से जुड़े नए नियम,जनता को कैसे होगा फायदा

    4.कोर्स ड्यूरेशन 

    लाइट मोटर व्हीकल चलाना सीखने वालों को ज्यादा से ज्यादा 4 सप्ताह के भीतर प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। ये पूरे 29 घंटे का कोर्स होगा जिसमें से 21 घंटे के दौरान उन्हें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी जिसमें रिवर्सिंग, ओवरटेकिंग, पार्किंग और सिटी, हाईवे, पहाड़ी रास्तों व रूरल एरिया में ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद बचे 8 घंटों के दरम्यां व्हीकल इंडिकेटर्स, रोड साइन और ड्राइविंग से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियों के बारे में थ्योरी पार्ट के जरिए बताया जाएगा। 

    यह भी पढ़ें: परिवहन मंत्रालय के ताजा प्रस्ताव के बाद देश में सस्ते हो सकते हैं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स

    5. हर तरह के व्हीकल चलाने की दी जाएगी ट्रेनिंग 

    इन सेंटर्स पर आपको कारें, 2 व्हीलर्स, मीडियम और हैवी मोटर व्हीकल्स ड्राइव करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। आप यहां इनमें से कोई भी व्हीकल चलाना सीख सकते हैं।

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    भानु
    <p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें

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