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    क्या देश में चलनी चाहिए एचसीएनजी कारें? सरकार ने मांगे सुझाव

    एचसीएनजी, सीएनजी का ही एक मिश्रण है। इसमें 18 प्रतिशत हाइड्रोजन होती है। ये मिश्रण हैवी ड्यूटी सीएनजी व्हीकल में इंजन को बहुत ही कम इस्तेमाल करते हुए काम में लिया जा सकता है।

    भानु
    भानु
    published on जुलाई 24, 2020 11:57 ist
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    published onJul 24, 2020 11:57 IST
    last updated onJul 24, 2020 11:57 IST
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    सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट ऑर्डर जारी किया है जिसमें ऑटोमोबाइल फ्यूल के रूप में हाइड्रोजन युक्त सीएनजी (एचसीएनजी) को शामिल करने पर सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1979 में संशोधन भी होगा।

    ऑटोमोबाइल जगत में समय की मांग को देखते हुए अब कई बदलावो की जरूरत है। पावर के ​कई अन्य स्रोत अभी खोजे जा रहे हैं तो वहीं कई अब इस्तेमाल में लिए जा रहे हैं। इनमें से सीएनजी काफी किफायती ऑप्शन बनकर सामने आया है जिसके लिए देश में अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो चुका है। 

    क्या होती है हाइड्रो सीएनजी

    शुरूआती टेस्ट से पता चला है कि एचसीएनजी का उपयोग कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ), मीथेन और टोटल हाइड्रोकार्बन (टीएचसी) के उत्सर्जन को कम कर सकता है। ये फ्यूल की खपत के मामले में सीएनजी से भी कई गुना बेहतर है। 

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    Volkswagen Polo 1.0-litre TGI

    एचसीएनजी का एक और फायदा यह है कि इसे आसानी से सीएनजी पाइपलाइनों और बस डिपो में शामिल किया जा सकता है। दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका शुरूआती टेस्ट एचसीएनजी किट से लैस 50 बसों में होगा। दिल्ली को इसलिए चुना जा सकता है क्योंकि यहां सीएनजी बसों, पंपों और मौजूदा सीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बड़ा नेटवर्क पहले से ही मौजूद है। 

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    मंत्रालय द्वारा जारी किया गया ड्राफ्ट पब्लिक और स्टेकहोल्डर्स के लिए भी खुला है। 

    नोटिस जारी होने के 30 दिनों के भीतर ई-मेल या पोस्ट के द्वारा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एमवीएल) को कमेंट और राय भेजी जा सकती है। इस ड्राफ्ट के बारे में ज्यादा जानने के लिए यहां देखें। हाल ही में परिवहन मंत्रालय द्वारा हाइड्रोजन फ्यूल सेल पावर से चलने वाले व्हीकल्स को लेकर भी एक नोटिस जारी किया गया था। 

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    भानु
    <p><span id="docs-internal-guid-d5dab83e-7fff-0272-69cc-807a7c6a46e9"><span>बनना तो क्रिकेटर चाहता था मगर, 5-साल तक अखबारों,न्यूज चैनल,न्यूज वेबसाइट के लिए फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क वर्क करते हुए आज ऑटोमोबाइल की दुनिया में ढेर सारी कारों और उनके कलर,फीचर्स,इंजन, पार्ट्स के बारे में लिखते हुए कारदेखो के साथ शानदार 2 साल पूरे कर चुका हूं। प्रवृति घुमक्कड़ किस्म की है और पूरा हिंदुस्तान ट्रेन में बैठकर देखने का सपना है। काम के अलावा फ्री टाइम में टेस्ट मैच देखना,क्रिकेट खेलना, गंभीर विषयों के बारे में जानना, सोचना और लिखना,डार्क,आर्ट,कॉमेडी सभी तरह की मूवीज़ देखने का शौक है। फेसबुक,ट्विटर,इंस्टाग्राम सभी जगह हायपर एक्टिव भी हूं। ज्यादातर वहां मीम्स ही शेयर करता हूं गंभीर बातें तो अपने तक ही सीमित है। इसके अलावा कुछ खास नहीं।</span></span></p>और देखें

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    1 कमेंट
    1
    K
    ketan shah
    Aug 8, 2026, 3:40:04 PM

    IT MUST BE NECESSARY TO CONVERTINTO HYDROGEN FUEL CELL POWERED VEHICLES TO SAVE INDIAN ECONOMY & SAVE THE EARTH

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