IZI Drive N700 डैशकैम रिव्यू: बढ़िया फुटेज, लेकिन एक दिक्कत है
आईजेडआई ड्राइव एन700 शानदार फुटेज लेता है, लेकिन तीन महीने इस्तेमाल करने के बाद हमें और भी बहुत कुछ पता चला...
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तीन महीने तक इस्तेमाल करने के बाद, आईजेडआई ड्राइव एन700 सच में एक अच्छा कैमरा साबित हुआ, हालांकि इसमें कुछ कमियां भी हैं जो लंबे समय तक साथ रहने पर ही पता चलती हैं।
एक डैशकैम का रिव्यू करना थोड़ा अलग होता है। पहले दिन, इसके बारे में जज करने के लिए बहुत कम होता है। बस इसे लगाएं, एक बीप बजेगी, लाइट जलेगी और काम शुरू। इसकी असली अहमियत तब समझ आती है जब आपको सच में किसी क्लिप की जरूरत पड़ती है, या आपको पार्किंग में फुटेज फोन पर निकालना होता है, या जब पता चलता है कि हफ्तों से मेमोरी कार्ड ने काम करना बंद कर दिया है।
हमें जून में आईजेडआई ड्राइव एन700 डैशकैम मिला था। हमारा मकसद साफ था, इसे एक आम कार मालिक की तरह भारत की गर्मी, डस्ट और ट्रैफिक में इस्तेमाल करना है, और देखना था कि ये कैसा चलता है। हमने इसे 2016 चौथी जनरेशन होंडा सिटी में लगाया और तीन महीनों में करीब 2500 किलोमीटर कवर किया। इसमें से केवल 200 किलोमीटर सिटी ड्राइव थी, जबकि बाकी का सफर पुणे और मुंबई के बीच था, मतलब इसका हाईवे पर ज्यादा टेस्ट हुआ।
इसके बारे में हमें जो कुछ पता चला, उसकी जानकारी आगे दी गई है।
वीडियो क्वालिटी: इसे खरीदने की वजह

दिन के समय की फुटेज एन700 की सबसे बड़ी ताकत है और इसे खरीदने की एक मुख्य वजह भी। यह 5एमपी सोनी स्टारविस आईएमएक्स335 सेंसर के साथ आता है जो 30 fps पर 2.5K (2560 x 1440) रेज़ोल्यूशन में रिकॉर्डिंग करता है। यह इस कीमत के कई 1080 पिक्सल कैमरों से कहीं बेहतर है। ज़्यादा रेज़ोल्यूशन का सीधा फायदा ये है कि काम आने वाली डिटेल्स मिलती है। एक डैशकैम क्लिप तभी काम की होती है जब वो साफ-साफ दिखाए कि क्या हुआ और कौन शामिल था। पुणे-मुंबई हाईवे पर दिन की फुटेज लगातार शार्प और स्थिर रही, जिसमें नैचुरल रंग और एक्सपोज़र बिल्कुल सही था।

सबसे बड़ा सवाल: क्या नंबर प्लेट पढ़ी जा सकती है? इसका जवाब दूरी और एंगल पर निर्भर करता है। दिन के उजाले में, आगे चल रही कार की नंबर प्लेट फुटेज में आसानी से पढ़ी जा सकती है। हालांकि, फ्रेम के किनारों से तेज़ी से गुज़रने वाली गाड़ी की नंबर प्लेट साफ नहीं दिखी, जो इस कीमत के ज़्यादातर डैशकैम के साथ होता है। आईजेडआई के प्रोडक्ट पेज पर 4K लिखा है, लेकिन इसकी रिकॉर्डिंग 2.5K पर होती है, इसलिए कैमरे को इसी आउटपुट पर परखना सही है। फुटेज में कभी-कभी डैशबोर्ड का रिफ्लेक्शन भी आता है, जो एन700 की कोई ख़ास समस्या नहीं है। तेज़ धूप में, हल्के रंग का डैशबोर्ड विंडस्क्रीन पर चमक पैदा कर सकता है। इससे बचने के लिए विंडस्क्रीन को अंदर से साफ रखना, कैमरे को रियर-व्यू मिरर के पीछे ऊंचा लगाना और डैशबोर्ड पर चमकदार चीजें न रखना मददगार होता है।
रात में यह कितना अच्छा है?

कीमत के हिसाब से इसकी नाइट रिकॉर्डिंग काफी अच्छी है, और टेस्ट के दौरान एन700 इस मामले में बेहसा साबित हुआ। आईजेडआई इसमें इन्फ्रारेड नाइट विज़न और WDR टेक्नोलॉजी होने का दावा करती है। WDR बहुत ज़्यादा चमकीले और अंधेरे हिस्सों के बीच बैलेंस बनाता है, जो भारत जैसे देश में बहुत ज़रूरी है, जहां अक्सर रात के समय किनारों पर तेज़ हेडलाइट्स होते हैं। रात की फुटेज का असली सवाल यह नहीं है कि "वीडियो अच्छा दिखता है या नहीं", बल्कि यह है कि "क्या यह सबूत के तौर पर काम आएगा"। टेस्ट फुटेज में, अच्छी रोशनी वाली शहरी सड़कें साफ थीं और सामने से आ रही गाड़ियों की हेडलाइट का ग्लेयर भी काफी हद तक कंट्रोल में था। हालांकि, ज़्यादा अंधेरे में तस्वीर थोड़ी सॉफ्ट और दानेदार हो गई, जैसी कि उम्मीद थी।

रूल सिंपल है: अच्छी रोशनी वाली शहरी सड़कों पर आपको काम लायक नाइट फुटेज मिलेगा। घने अंधेरे हाईवे पर, इस क्लास का कोई भी डैशकैम उतना ही कैप्चर करता है जितनी आपकी हेडलाइट्स दिखाती है।
क्या 170-डिग्री व्यू सच में काम का है?

हां, ज्यादातर मामलों में यह काम का है। लेकिन वाइड व्यू हमेशा सिर्फ ज्यादा बेहतर नहीं होता, इसकी कुछ कमियां भी हैं। 170-डिग्री का लेंस बगल की लेन, चौराहे के दोनों तरफ और साइड से अचानक आने वाले स्कूटर को भी कैप्चर कर लेता है। किसी भी घटना के दौरान कार के आसपास क्या हो रहा था, यह जानना उतना ही जरूरी होता है जितना कि आगे क्या हुआ। इसका नुकसान यह है कि इससे किनारों पर मौजूद चीजें थोड़ी खिंची हुई और छोटी दिखती हैं। टेस्ट के दौरान किनारों पर यह खिंचाव दिखा, लेकिन इसने क्लिप को बेकार नहीं बनाया। भारतीय ट्रैफिक में, जहां खतरा किसी भी दिशा से आ सकता है, एक वाइड व्यू ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
इंस्टॉलेशन आसान, पर 12वाट सॉकेट का इस्तेमाल करना पड़ता है

एन700 को इंस्टॉल करना आसान है और इसे कोई भी सकता है। बॉक्स में कैमरा, विंडस्क्रीन माउंटिंग स्टिकर, पावर केबल, 12V एडैप्टर और इंस्टॉलेशन एक्सेसरीज मिलती है। ध्यान दें कि मेमोरी कार्ड बॉक्स में नहीं आता है। हमने प्रोफेशनल से फिटिंग करवाई गई ताकि केबल को सफाई से लगाया जा सके। इसकी केबल काफी लंबी है और होंडा सिटी के हेडलाइनर और ए-पिलर के साथ आसानी से छिप गई। इसे लगाने की सबसे अच्छी जगह रियर-व्यू मिरर के ठीक पीछे है। वहां यह ड्राइवर की नजर से दूर रहता है और विंडस्क्रीन के उस हिस्से से साफ व्यू लेता है जो वाइपर से साफ होता है। हालांकि, इसमें एक दिक्कत है। एन700 12वाट एडैप्टर से चलता है, जिसका मतलब है कि यह आपकी कार का 12वाट सॉकेट हमेशा इस्तेमाल करता है। अगर आपकी कार में एक ही 12 वाट सॉकेट है और आप उसे फोन चार्जर या टायर इन्फ्लेटर जैसी चीजों के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो यह एक समस्या बन सकती है। इसका एक सस्ता समाधान डुअल-पोर्ट स्प्लिटर है, या फिर आईजेडआई का ऑप्शनल हार्डवायर किट जो सीधे फ्यूज बॉक्स से पावर लेता है।
वाई-फाई और ऐप
एन700 अपने 2.4GHz वाई-फाई के जरिए फोन से कनेक्ट होता है। इसके लिए आईजेडआई का एन700 ऐप इस्तेमाल करना होता है। ऐप से आप लाइव व्यू देख सकते हैं, रिकॉर्डिंग देख सकते हैं और वीडियो क्लिप को फोन पर डाउनलोड कर सकते हैं। कैमरे के मुख्य काम के लिए वाई-फाई जरूरी नहीं है, यह फोन के बिना भी रिकॉर्ड करता है। वाई-फाई बस एक सुविधा है जो आपको मेमोरी कार्ड निकालकर लैपटॉप ढूंढने की झंझट से बचाती है। हालांकि, तीन महीने के टेस्ट में हमें एन700 ने इस मामले में काफी निराश किया। कैमरे को ऐप से कनेक्ट करने के लिए अक्सर री-कनेक्ट करना पड़ता था, और कई बार तो ऐप कनेक्ट ही नहीं हुआ। ऐसे में फुटेज निकालने का एकमात्र तरीका मेमोरी कार्ड को निकालकर कंप्यूटर में लगाना है। एक बार कनेक्ट होने पर ऐप ठीक काम करता है, लेकिन जरूरत के समय इस पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता।
मेमोरी कार्ड: अतिरिक्त खर्चा
एन700 के साथ मेमोरी कार्ड नहीं आता, और इसके बिना यह किसी काम का नहीं है। एक अच्छे मेमोरी कार्ड की कीमत कैमरे की कुल लागत में जुड़ जाती है। आईजेडआई इसके लिए क्लास 10/यू3 कार्ड इस्तेमाल करने की सलाह देती है, लेकिन एक हाई-एंड्योरेंस कार्ड लेना बेहतर है। ये कार्ड लगातार री-राइटिंग के लिए बने होते हैं, जो एक डैशकैम का मुख्य काम है। टेस्ट के दौरान मेमोरी कार्ड से जुड़ी सबसे ज्यादा परेशानियां सामने आईं। कभी कार्ड करप्ट हो गया, तो कभी कैमरा उसे पहचान नहीं पाया, और कई बार लूप रिकॉर्डिंग ने पुराने फुटेज को ओवरराइट नहीं किया। इन सभी का एक ही मतलब था: डैशकैम ने रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी। दूसरा कार्ड लगाने से कुछ समय के लिए मदद मिली, पर समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। इसलिए, हमेशा एक असली हाई-एंड्योरेंस कार्ड खरीदें और उसे हर कुछ हफ्तों में कैमरे के अंदर ही फॉर्मेट करें।
अगर आपका एक्सीडेंट हो जाए तो क्या होगा?

डैशकैम इसी पल के लिए होता है। एन700 में दो जरूरी फीचर: लूप रिकॉर्डिंग और जी-सेंसर के साथ इमरजेंसी लॉक हैं। लूप रिकॉर्डिंग में कार्ड भरने पर कैमरा अपने आप पुरानी फुटेज को डिलीट कर देता है। जी-सेंसर अचानक झटके को पहचानकर उस समय की क्लिप को लॉक कर देता है, ताकि वह ओवरराइट न हो। लेकिन, टेस्ट में हमारे डैशकैम में गाड़ी बंद होने से ठीक पहले की आखिरी क्लिप अक्सर गायब हो जाती थी। आईजेडआई का दावा है कि इसमें एक सुपर कैपेसिटर है जो पावर कट होने पर क्लिप को सेव करने के लिए कुछ सेकंड तक कैमरे को ऑन रखता है, लेकिन टेस्ट में ऐसा नहीं हुआ। ऐसा हर बार तो नहीं, लेकिन इतनी बार हुआ कि इस पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल है।
पार्किंग मोड: सिर्फ हार्डवायर किट के साथ
एन700 में 24/7 पार्किंग मॉनिटरिंग का फीचर है, लेकिन गाड़ी बंद होने के बाद यह काम नहीं करता है। लगातार निगरानी के लिए, आपको आईजेडआई का वैकल्पिक हार्डवायर किट खरीदना होगा, जो इंजन बंद होने पर भी फ्यूज बॉक्स से पावर लेता है। अगर आपकी कार ऐसी जगह पार्क होती है जहां खरोंच लगने का डर है, तो यह किट काम की हो सकती है।
जीपीएस, ऑडियो और रोज का साथ
एन700 में बिल्ट-इन जीपीएस है, जो फुटेज में लोकेशन जोड़ता है। इससे घटना की सटीक जगह बताने में मदद मिलती है। इसमें एक माइक्रोफोन भी है जो केबिन के अंदर और बाहर की आवाज रिकॉर्ड करता है। अगर आप केबिन की बातचीत रिकॉर्ड नहीं करना चाहते तो इसे सेटिंग से म्यूट कर सकते हैं। एन700 का डिजाइन अच्छा है, साइज छोटा है और मिरर के पीछे आसानी से छिप जाता है। यह गाड़ी के साथ अपने आप चालू और बंद हो जाता है, इसलिए आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती। आईजेडआई का दावा है कि यह -5° सेल्सियस से 65° सेल्सियस तक के तापमान में काम कर सकता है।
तीन महीने बाद: क्या पसंद आया
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5एमपी सोनी स्टारविस सेंसर से दिन में अच्छी फुटेज मिलती है।
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यह रात में रिकॉर्डिंग करने में सक्षम है।
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170-डिग्री व्यू से कार के चारों ओर का फुटेज कैप्चर होता है।
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लोकेशन-टैग्ड फुटेज के लिए बिल्ट-इन जीपीएस दिया गया है।
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छोटा साइज और अच्छा डिजाइन, जो शीशे के पीछे छिप जाता है।
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गाड़ी चालू-बंद होने पर खुद ही ऑन और ऑफ हो जाता है।
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खुद इंस्टॉल करना आसान है।
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512जीबी तक के कार्ड सपोर्ट करता है, यूएसबी टाइप-सी का इस्तेमाल करता है, और एक ऑप्शनल रियर कैमरा भी जोड़ सकते हैं।
तीन महीने बाद: क्या पसंद नहीं आया
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हमारे डैशकैम में कार बंद से पहले की आखिरी क्लिप गायब थी।
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हमारे टेस्ट के दौरान मेमोरी-कार्ड करप्ट, डिटेक्शन और ओवरराइट की दिक्कतें आईं।
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वाई-फाई को बार-बार कनेक्ट करने की जरूरत पड़ी, और ऐप कई बार कनेक्ट नहीं होता था।
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बॉक्स में मेमोरी कार्ड नहीं था, और एक अच्छा कार्ड महंगा होता है।
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यह 12वाट सॉकेट का इस्तेमाल करता है।
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24/7 पार्किंग मोड के लिए हार्डवायर किट की जरूरत होती है, जिसके लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
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कभी-कभी फुटेज में रिफ्लेक्शन आ जाते हैं, और वाइड एंगल किनारों को खींच देता है।














