हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (एचएसआरपी) क्या है, कहां से लें और इसकी क्या खासियतें हैं, जानिए ऐसे तमाम सवालों के जवाब
हाल ही में दिल्ली सरकार ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (एचएसआरपी) के बिना चल रहे वाहनों पर भारी जुर्माना किए जाने का फरमान सुनाया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब सख्ती से ऐसे वाहनों का चालान कर रही है जिसकी संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है।
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फिलहाल ये नियम दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लागू किया गया है। जल्द ही दूसरे राज्यों में भी ये नियम लागू हो जाएंगे। ऐसे में कहीं आपका भी भारी चालान ना हो जाए उससे पहले ही हम आपको बताने जा रहे हैं कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (एचएसआरपी) क्यों जरूरी है और इसे कहां से और किस तरह से प्राप्त करें?
क्या होती है हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (एचएसआरपी)?
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स एक नए तरीके की नंबर प्लेट है जो कि एल्यूमिनियम से बनी होती है। ये प्लेट्स टेंपर प्रूफ होती है जिनके साथ दो नॉन रीयूजेबल लॉक्स दिए जाते हैं। नंबर प्लेट को हटाने के लिए आपको लॉक तोड़ना पड़ता है। लॉक टूट जाने के बाद आप इस प्लेट को दोबारा इंस्टॉल नहीं कर सकते हैं और आपको दूसरी नंबर प्लेट खरीदनी ही होती है। नंबर प्लेट की लेफ्ट साइड पर क्रोमियम बेस्ड अशोक चक्र दिया गया होता है और साथ ही यहां ‘IND’ भी लिखा होता है। व्हीकल आईडेंटिफिकेशन नंबर लेज़र एनकोडेड होता है जो स्कैन करने में आसान है और इससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।
कलर कोडेड स्टीकर क्या होता है?
कलर कोडेड स्टिकर में कार का फ्यूल टाइप और भारत स्टेज यानी एमिशन नॉर्म्स की जानकारी होती है। पेट्रोल और सीएनजी कारों के लिए ब्लू स्टिकर दिया जाता है, वहीं डीजल कारों के लिए ऑरेंज एवं इलेक्ट्रिक कारों के लिए ग्रीन कलर का स्टिकर दिया जाता है। बीएस6 कारों में स्टिकर के ऊपरी हिस्से में एक्सट्रा ग्रीन कलर की स्ट्रिप भी दी गई होती है। आपको गाड़ी की विंडस्क्रीन पर अंदर की ओर से इसे चिपकाना होता है।
ये अनिवार्य क्यूं है?
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स को अनिवार्य करने की प्रमुख वजह चोरी हुए वाहनों को ट्रैक करने से है। पुरानी नंबर प्लेटें नंबर स्टिकर के साथ आया करती थी जिनके साथ आसानी से छेड़छाड़ की जा सकती है। आप इसपर से स्टिकर हटा सकते हैं और आसानी से अपना व्हीकल नंबर रजिस्ट्रेशन बदल सकते हैं। ज्यादातर चुराए गए वाहनों की नंबर प्लेटें बदल दी जाती है जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाया करता था। अब एचएसआरपी के रहते पुलिस सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से नंबर प्लेट को स्कैन और ट्रैक कर सकती है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर उल्लंघनकर्ता आसानी से पकड़ा जाएगा। कई वाहनों की नंबर प्लेट्स पर क्षेत्रिय भाषा में नंबर लिखे होते हैं जो हर किसी के समझ में नहीं आते हैं, ऐसे में अब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स के रहते ऐसी चीजों पर पाबंदी हो जाएगी। सबसे प्रमुख बात ये है कि डेटा का डिजिटाइजेशन करने के लिए ये चीजें सरकार की काफी मदद करेगी।
कलर कोडेड स्टिकर दिल्ली एनसीआर के लिए काफी फायदेमंद है जहां अब सड़कों पर 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को चलाने की मनाही है। वहां 15 साल पुरानी पेट्रोल कारें इस्तेमाल नहीं की जा सकती है और डीजल इंजन वाली कारों के लिए समय सीमा 10 साल है। ऐसे में एचएसआरपी के रहते ऐसे वाहनों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को काफी मदद मिलेगी।

क्या प्राइस रखी गई है इन नंबर प्लेट्स की?
2 व्हीलर में एचएसआरपी इंस्टॉल कराने के लिए 600 रुपये कीमत रखी गई है। वहीं 4 व्हीलर के लिए 1000 रुपये तय किए गए हैं जो कि कैटेगरी के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। कलर कोडेड स्टिकर के लिए 100 रुपये एक्सट्रा लगते हैं या फिर इन प्लेट्स के साथ वो पहले से ही लगा हुआ आता है। हालांकि यदि आपकी गाड़ी पर एचएसआरपी पहले से ही इंस्टॉल है तो आपको केवल कलर कोडेड स्टिकर के लिए ही एप्लाय करना होगा।
कहां से करा सकते हैं इंस्टॉल?
दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के निवासी www.bookmyhsrp.com पोर्टल पर जाकर एचएसआरपी प्राप्त कर सकते हैं।
यह वेबसाइट पर केवल उपरोक्त राज्यों में रजिस्टर्ड व्हीकल्स के ही काम की है। इसमें सारी जानकारी डालने के बाद आप अपनी नजदीकी डीलरशिप पर अपॉइन्टमेंट बुक करवा सकते हैं। अपॉइन्टमेंट वाले दिन आपको डीलरशिप पर इसे इंस्टॉल कराने के लिए जाना होगा। अब नोएडा, लखनऊ और गाजियाबाद के लोगों के लिए एचएसआरपी की होम डिलीवरी का ऑप्शन भी रख दिया गया है। इसके अलावा आप चाहें तो अपने लोकल आरटीओ पर जाकर भी एचएसआरपी खरीद सकते हैं।
कौनसे वाहनों के लिए चालान का प्रावधान रखा गया है और ये कितना है?
इस नियम के लागू होने के बाद अभी केवल दिल्ली, हिमाचल और यूपी में ही जुर्माना लगाया जा रहा है। यदि आपकी कार दिल्ली रजिस्टर नंबर की नहीं है तो आप पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। ये नियम केवल डीएल, यूपी और एचपी नंबर प्लेट वाले वाहनों के लिए ही बने हैं।
यदि आप ने एचएसआरपी नहीं लगाई है तो इसके लिए आपको 5,500 रुपये का जुर्माना भरना होगा। परिवहन विभाग द्वारा आपसे ये जुर्माना वसूला जाएगा और इसकी रेट इन सभी राज्यों में एक सी है।
एचएसआरपी को इंस्टॉल करने के तरीके क्या हैं?
- www.bookmyhsrp.com पोर्टल पर जाकर लॉगिन करें
- एचएसआरपी ऑप्शन या कलर कोडेड स्टिकर ऑप्शन चुनें
- व्हीकल टाइप दर्ज करें जैसे टू व्हीलर, फोर व्हीलर आदि
- अपने व्हीकल का ब्रांड दर्ज करें जैसे मारुति, होंडा, फोर्ड आदि
- अपना राज्य सलेक्ट करें जहां से आपका व्हीकल रजिस्टर्ड है
- प्राइवेट या कमर्शियल व्हीकल में से किसी एक को चुनें
- फ्यूल टाइप दर्ज करें
- व्हीकल टाइप दर्ज करें
- भारत स्टेज, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, वाहन मालिक का नाम, बिलिंग एंड्रेस, फोन नंबर आदि दर्ज करें
- डिलीवरी के बारे में पूरी जानकारी दर्ज करें
- डीलर की जानकारी जैसे नजदीकी डीलरशिप और लोकेलिटी दर्ज करें
- डीलरशिप पर अपॉइन्टमेंट बुक करें
- आखिरी स्टेप ऑनलाइन पेमेंट होगा
- कस्टमर रिसिप्ट प्राप्त करें और अपने द्वारा बताई गई डीलरशिप पर टाइम स्लॉट के अनुसार पहुंच जाएं














