अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों को भी फाइनेंस करेगी कारदेखो ग्रुप की फिनटैक कंपनी रुपी, 100 प्रतिशत ऑन रोड प्राइस पर मिलेगा लोन
ईवी फाइनेंसिंग की बढ़ती डिमांड को देखते हुए इस ब्रांड ने प्योर ईवी, ट्रिनिटी, ब्लाइव - एमबीओ, टॉर्क, जितेंद्र ईवी, हीरो इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रिक वन - एमबीओ, हॉप इलेक्ट्रिक, एम्पीयर, हीरो मोटोकॉर्प बड़े ईवी मैन्युफैक्चरर्स और मल्टी ब्रांड आउटलेट्स के साथ स्ट्रेटिटीजिक पार्टनरशिप की है।
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कारदेखो ग्रुप के लीडिंग फिनटैक वेंचर रुपी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स फाइनेंस करने का ऐलान किया है। हर तरह के व्हीकल्स को फाइनेंस करने की दिशा में एक नई क्रांति लाने के अपने मिशन के तहत रुपी ईवी इंडस्ट्री के ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर्स और मल्टी ब्रांड आउटलेट्स के साथ पार्टनरशिप करते हुए कस्टमर्स को आसान लोन देगी।
इससे रुपी एक बड़े कस्टमर बेस को बिना किसी परेशानी के आसानी से लोन दे सकेगी।
आमतौर पर एक व्हीकल खरीदने के लिए 12 से 48 महीने तक का लोन दिया जाता है। रुपी हर कस्टमर्स की की जरूरत को समझते हुए और फाइनेंशियल कंंडीशंस को देखते हुए ईवी लोन देगी, और साथ ही उन्हें सहूलियत के हिसाब से पेमेंट वापस करने के ऑप्शंस भी दिए जाएंगे। अफोर्डेबिलिटी की महत्वता को समझते हुए रुपी ने कस्टमर्स की डिमांड के हिसाब से कम से कम ईएमआई वाले लंबी अवधि वाले लोन देने की योजना बनाई है।
रुपी अपने कस्टमर्स को एक इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने का सपना पूरा करने के लिए 100 प्रतिशत ऑन रोड प्राइस पर ईवी फाइनेंस करेगी।
रुपी के को फाउंडर और सीईओ नमित जैन ने कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में उतरने के विषय में कहा कि "हम हर एक भारतीय के लिए व्हीकल फाइनेंसिंग को आसान बनाने और कस्टमर एक्सपीरियंस को पहले से कहीं अधिक सरल बनाने के मिशन पर हैं। यूज्ड कार लोन में हमारे शानदार प्रभाव के बाद अब खासतौर पर इलेक्ट्रिक 2 व्हीलर फाइनेंसिंग के क्षेत्र में उतरना हमारे प्रयासों की एक प्रगति की तरह लगता है। आज तेजी से लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को अपना रहे हैं जहां 2 व्हीलर मार्केट में 4 प्रतिशत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स मौजूद हैं। रुपी का लक्ष्य कस्टमर एक्सपीरियंस को केंद्र में रखते हुए ईवी फाइनेंसिंग प्रोसेस को बदलने का है। भविष्य को देखते हुए, रुपी ने अगले पांच सालों में ईवी सेगमेंट में जबरदस्त अवसर की पहचान करते हुए इस श्रेणी में 10 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल करने का लक्ष्य रखा है। सरकार भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर काफी फोकस बढ़ा रही है और इन्हें बढ़ावा देने के लिए फेम 2 जैसी योजना शुरू की है तो वहीं ओरिजनल इक्विपमेंट्स मैन्युफैक्चररर्स की ओर से भी निवेश बढ़ाया जा रहा है जिससे 2030 तक 40 से 50 प्रतिशत 2 व्हीलर इलेक्ट्रिक ही होंगे।














