22 सितंबर के बाद बनाएं छोटी कार खरीदने का प्लान, नए जीएसटी नियमों से कर पाएंगे बड़ी बचत! समझिए पूरा गणित
लाभ की मात्रा वाहन के आकार और इंजन क्षमता पर निर्भर करेगी ।
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- 4 मीटर तक लंबी सभी कारों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है
- एक्स-शोरूम कीमत पर पहले लगने वाला सेस पूरी तरह से हटा दिया गया है।
- ये टैक्स कटौती 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी
इस साल दिवाली जल्दी आ गई है क्योंकि सरकार ऐतिहासिक जीएसटी कर सुधार लागू कर रही है जिससे 22 सितंबर के बाद 4 व्हीलर और भी सस्ते हो जाएंगे। बेशक, तो अगर आप जल्द ही घर में एक 4 मीटर से कम लंबी कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जानिए नई जीएसटी व्यवस्था आपके लिए क्या मायने रखती है।
पहले और बाद में
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नई कार खरीदने पर कई स्तरों पर टैक्स देना पड़ता है। गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत पर आप जो रजिस्ट्रेशन टैक्स देते हैं, उसके अलावा एक्स-शोरूम कीमत में फ़ैक्टरी कॉस्ट, जीएसटी और सेस भी शामिल होता है।
| पेट्रोल,सीएनजी,एलपीजी जैसे पैसेंजर व्हीकल्स और 1200 सीसी तक के इंजन
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जीएसटी |
सेस |
कुल टैक्स |
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| पुराना |
28% |
1% |
29% |
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| नया |
18% |
0 |
18% |
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| बचत |
10% |
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11% |
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1.2 लीटर (1200 सीसी) तक की इंजन क्षमता (पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी) वाली 4 मीटर से कम लंबी कारों पर जीएसटी और सेस क्रमशः 28% और 1% था, जिससे कुल टैक्स 29% हो गया। 1.5 लीटर (1500 सीसी) तक की क्षमता वाले डीजल वाहन पर जीएसटी अभी भी 28% था, लेकिन सेस थोड़ा ज़्यादा यानी 3% था।
| 4 मीटर तक लंबे डीजल पैसेंजर व्हीकल्स और 1500 सीसी तक के इंजन |
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जीएसटी |
सेस |
कुल टैक्स |
| पुराना |
28% |
3% |
31% |
| नया |
18% |
0 |
18% |
| बचत |
10% |
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13% |
हालांकि, नए सुधार के साथ, सरकार ने सेस को पूरी तरह से हटा दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने 4 मीटर से कम लंबाई वाले सभी पेट्रोल, डीज़ल, सीएनजी और एलपीजी वाहनों पर जीएसटी शुल्क 28% से घटाकर 18% कर दिया है।
आपके लिए इसके क्या है मायने?
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बचत। बस इतना ही। 22 सितंबर के बाद लागू होने जा रही नई टैक्स व्यवस्था के बाद अगर आप एक नई सब-4 मीटर कार खरीदते हैं , तो आप ज़रूर कुछ पैसे बचाएंगे। टाटा टियागो, मारुति स्विफ्ट, हुंडई आई20 जैसी हैचबैक कारों और यहां तक कि टाटा पंच और हुंडई एक्सटर जैसी माइक्रो एसयूवी पर भी पहले से काफी कम टैक्स लगेगा।

टाटा नेक्सन, महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ और किआ सिरोस जैसी गाड़ियों की कीमतों में भी कमी आएगी और एक्स-शोरूम कीमत पर 13% तक की बचत होगी। यहां तक कि मारुति ब्रेज़ा, जिसमें 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है, उसपर भी टैक्स की दर कम होगी जो 45% से घटकर 40% रह जाएगी।
इसके अलावा, चूंकि विभिन्न ऑटो पार्ट्स और कंपोनेंट्स पर जीएसटी में कटौती की गई है, इसलिए कारों की फ़ैक्टरी कीमत भी कम हो सकती है। अगर कार मैन्यूफैक्चरर इसका फ़ायदा ग्राहकों तक पहुंचाएं, तो बचत और भी ज़्यादा हो सकती है।
हालांकि, ग्राहकों को कितनी बचत का लाभ मिलेगा, इसका अभी कुछ भी पता नहीं है। यह बहुत संभव है कि कार मैन्यूफैक्चरर्स सभी लाभ ग्राहकों को न देकर अपना लाभ मार्जिन बढ़ा सकते हैं। इसलिए, बचत कार मैन्यूफैक्चरर के अनुसार अलग-अलग होगी और ग्राहकों को मिलने वाली टैक्स छूट का सही प्रतिशत नई एक्स-शोरूम कीमतों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक और फ़ायदा यह है कि आपको कम रोड टैक्स देना पड़ सकता है, क्योंकि आरटीओ शुल्क एक्स-शोरूम कीमत पर आधारित होता है। आधार राशि कम होने से, खरीदार ऑन-रोड कीमत पर भी अतिरिक्त बचत की उम्मीद कर सकते हैं। कुल मिलाकर, बचत ज़रूर होगी, लेकिन लाभ की सीमा कार बनाने वाली कंपनियों पर ही निर्भर करेगी।
कारदेखो ओपिनियन
यदि आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो समझदारी इसी में होगी कि आप 22 सितंबर तक इंतजार करें और अपनी खरीदारी टाल दें। क्योंकि, आप चाहे किसी भी सेगमेंट में खरीदारी कर रहे हों, ये नए टैक्स सुधार सभी क्षेत्रों में बचत लाएगा।
और जब संशोधित एक्स-शोरूम दरें लागू हो जाएं, तो बेहतर होगा कि आप अपनी खरीदारी कार मैन्यूफैक्चरर्स द्वारा अगले साल अपनी वार्षिक वृद्धि के तहत कीमतें बढ़ाने से पहले ही कर लें। क्योंकि, वार्षिक मूल्य संशोधन के बाद भी, 4 मीटर से कम लंबी छोटी कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए बचत बहुत ज़्यादा होगी, लेकिन लाभ सीमित होंगे और अगले साल हुंडई क्रेटा और टाटा हैरियर जैसी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी से इसकी भरपाई हो सकती है। आप इस लेख में बड़ी कारों पर नए सुधारों के प्रभाव के बारे में अधिक पढ़ सकते हैं।














