जीप कंपास को पेट्रोल और डीज़ल दोनों इंजन में उतारा गया है। पेट्रोल वेरिएंट में 1.4 लीटर 4-सिलेंडर इंजन लगा है जो 162 पीएस की पावर और 250 एनएम का टॉर्क देता है। डीज़ल वेरिएंट में 2.0 लीटर 4-सिलेंडर इंजन लगा है, इसकी पावर 173 पीएस और टॉर्क 350 एनएम है।
डीजल इंजन केवल 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है, वहीं पेट्रोल में 7-स्पीड ड्यूल क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प रखा गया है। टू-व्हील-ड्राइव को इस में स्टैंडर्ड रखा गया है, वहीं डीज़ल टॉप वेरिएंट में ऑल-व्हील-ड्राइव का विकल्प भी मौजूद है।
माइलेज कंपेरिज़न (डीज़ल )
| जीप कंपास |
हुंडई ट्यूसॉन |
टाटा हैक्सा |
महिंद्रा एक्सयूवी 500 |
| पावर |
170 बीएचपी@3750 आरपीएम |
182.46बीएचपी@4000आरपीएम |
153.86बीएचपी@4000आरपीएम |
140बीएचपी@3750आरपीएम |
| टॉर्क |
350एनएम@1750-2500 आरपीएम |
400एनएम@1750-2750आरपीएम |
400एनएम@1750-2500आरपीएम |
330एनएम@1600-2800आरपीएम |
| इंजन |
1956 सीसी |
1995 सीसी |
2179 सीसी |
2179 सीसी |
| ट्रांसमिशन |
मैनुअल |
मैनुअल |
मैनुअल |
मैनुअल |
| टॉप स्पीड |
185 किमी/घंटा |
| एक्सीलेरेशन 0-100 (सेकंड) |
10 सेकंड |
| वजन |
1551 किलोग्राम |
- |
- |
- |
| माइलेज (एआरएआई प्रमाणित) |
17.1किमी/लीटर |
18.42किमी/लीटर |
17.6किमी/लीटर |
16.0किमी/लीटर |
परफॉर्मेंस कंपेरिज़न (पेट्रोल)
| हुंडई ट्यूसॉन |
जीप कंपास |
| पावर |
152.88बीएचपी@6200आरपीएम |
160बीएचपी@3750आरपीएम |
| टॉर्क |
192एनएम@4000आरपीएम |
250एनएम@1750-2500आरपीएम |
| इंजन |
1999 सीसी |
1368 सीसी |
| ट्रांसमिशन |
मैनुअल |
ऑटोमैटिक |
| टॉप स्पीड (किमी/घंटा) |
186.69 किमी/घंटा |
| 0-100 एक्सीलेरेशन (सेकंड) |
9.99 सेकंड |
| वजन |
- |
1562 किलोग्राम |
| माइलेज (एआरएआई प्रमाणित) |
13.03 किमी/लीटर |
16.0 किमी/लीटर |
हमने कंपास के 2.0 लीटर डीजल इंजन मॉडल को ड्राइव किया, जो 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस था। इस में जीप का ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम, सिलेक्टर टेरेन मोड के साथ दिया गया था। हमें कार में कोई वाइब्रेशन या नॉइस सुनाई नहीं दी। हाई टॉर्क जनरेट करने के लिए कार का क्लच काफी हल्का और बढ़िया है।
ऑफ रोडिंग में भी कार अच्छा प्रदर्शन करती है। बस आपको यहां एक्सीलेरेटर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ता है। कार का गियरबॉक्स इस्तेमाल में काफी अच्छा है। गियरनॉब पर मैटल फिनिशिंग दी गई है।
टेस्ट राइड में कंपास डीजल ऑल-व्हील-ड्राइव ने 30—80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पाने में 7.32 सेकंड का समय लगाया। वहीं 0—100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पाने में 10.03 सेकंड का समय लगा। कंपास डीज़ल 4x2 के माइलेज को लेकर जीप का दावा 17.1 किमी प्रति लीटर है। वहीं इसके 4x4 डीज़ल वेरिएंट के माइलेज को लेकर कंपनी का दावा 16.3 किमी प्रतिलीटर है। टेस्ट राइड में इसने सिटी में कार से 11.07 किमी प्रति लीटर और हाइवे पर 16.0 किमी प्रति लीटर का माइलेज दिया। जीप कंपास और हुंडई ट्यूसॉन ऑटोमैटिक के माइलेज में मामूली सा फर्क है। ट्यूसॉन सिटी में 10.79 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है, वहीं हाइवे पर 14.47 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है। जीप कंपास में डीजल इंजन एक बेहतर विकल्प साबित होता है।
जीप कंपास 1.4 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ भी आ रही है। यह इंजन 163 पीएस की पावर और 250 एनएम का टॉॅर्क जनरेट करता है। कंपास का बेस वेरिएंट स्पोर्ट 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है। वहीं कार का टॉप वेरिएंट लिमिटेड 7-स्पीड डीसीटी ऑटोमैटिक के साथ उपलब्ध है।
हमने 4x4 डीज़ल वेरिएंट की टेस्ट राइड ली जिससे हमें मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। कार को सिटी में चलाने पर हमें किसी तरह की परेशानी नहीं आई। कार के इंजन से उम्मीद के मुताबिक पावर मिली। कार ने 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ने में 9.67 का समय लगाया। इस स्पीड पर भी हमें कार चलाने में कोई परेशानी नहीं आई, मगर इसने अच्छा माइलेज नहीं दिया।
कंपास पेट्रोल ऑटोमैटिक के माइलेज को लेकर कंपनी का दावा 14.1 किलोमीटर प्रति लीटर है। मगर दावों के विपरीत कार ने हमें सिटी और हाइवे पर क्रमश: 6.1 किमी प्रति लीटर और 8.5 किमी प्रति लीटर का माइलेज दिया। इतना कम माइलेज देने के पीछे दो कारण हैं। पहला, सिटी के सामान्य ट्रैफिक में लो गियर पर कार के एक्सीलेरेटर को बेवजह इस्तेमाल करने से फ्यूल जलता है। दूसरा, हाइवे पर ये कार आसानी से सातवें गियर पर नहीं आती और इससे तेज रफ्तार पकड़ने में भी समय लगता है। इस कारण हाइवे की खुली सड़कों पर भी कार को बेहतर माइलेज प्राप्त नहीं हुआ।
ड्राइव और हैंडलिंग
गोवा की सपाट सड़कों पर हमने कंपास की टेस्ट राइड ली। कार चलाते वक्त हमें कंफर्ट और हैंडलिंंग के बीच अच्छा तालमेल देखने को मिला। कार की डैंपिंग रेट को एडजस्ट करने के लिए इसमें 'फ्रीक्वेंसी सेंसिटिव डैंपिंग' सिस्टम दिया गया है। ये सिस्टम रोड की स्थिति और ड्राइवर के कार चलाने के तौर तरीकों के हिसाब से काम करता है। कार में बैठने वालों को तब तक कोई परेशानी नहीं आती जब तक कि गहरा गड्ढा ना आ जाए। इसके सस्पेंशन कार को तेज गति में चलाने के हिसाब से बनाए गए हैं। फिर भी कार थोड़े बहुत उछाल ले ही लेती है, मगर कार में बैठे पैसेंजर को कोई परेशानी नहीं होती। सड़क के किनारे चलाने से भी इस कार की शानदार बैलेसिंग का पता चलता है।
कार के स्टीयरिंग फ्रंट व्हील से कनेक्ट किए गए हैं जिन्हें इलेक्ट्रिकल सपोर्ट मिलता है। हालांकि कार को पार्क करते समय थोड़ी परेशानी आती है। कार के गति पकड़ने के बाद इसके स्टीयरिंग का वजन भी इन्हें आराम से हैंडल करने लायक बन जाता है।
गोवा के बीच पर हमने कुछ दूर कार को सिलेक्ट टेरेन सिस्टम पर चलाया और यह जानने की कोशिश की ये सिस्टम हमें कितना प्रभावित करता है। इस सिस्टम को रोटरी नॉब से कंट्रोल किया जाता है, जिसे सेंटर कंसोल के नीचे की तरफ फिट किया गया है। कार में ऑटो, स्नो, सेंड और मड समेत कुल चार ड्राइविंग मोड दिए गए हैं। आप अलग-अलग इलाकों के हिसाब से अपनी कार को इन मोड पर चला सकते हैं। इस में ऑल वैदर टायर लगे हैं जो किसी भी इलाके और किसी भी मौसम में चलाने के हिसाब से बने हैं। कार में ऑल व्हील ड्राइव सिस्टम दिया गया है जो इसके टायरों को रेत वाले इलाकों में धंसने से बचाता है। यदि कार किसी गड्ढे या मिट्टी में धंस भी जाए तो ये सिस्टम पीछे के टायरों को गड्ढे से निकलने की ताकत दे देता है।
ऑफ-रोडिंग क्षमताओं को देखने के लिए हम इसे 3.5 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर ले गए। खड़ी चढ़ाइयों, गीली चट्टानों, उबड़-खाबड़ रास्तों पर कार को चलाने के लिए हमें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। इन सारी परिस्थितियों से निपटने के लिए हमने कार को 'मड' मोड पर चलाया था।