किआ कैरेंस क्लाविस ईवी 5000 किलोमीटर रिव्यू : जानिए इसकी खूबियां और खामियां
Published On अक्टूबर 26, 2026 By अंश for किया कैरेंस क्लाविस ईवी
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किआ कैरेंस क्लाविस वो कार है जिसके साथ मैंने सबसे ज्यादा समय बिताया है। पहले दो महीने मैंने इसके डीजल वर्जन के साथ बिताए, फिर दो महीने टर्बो-पेट्रोल वर्जन के साथ, और आख़िरी तीन महीने किआ कैरेंस क्लाविस ईवी के साथ बिताए। इसके साथ काफी समय बिताने और इसे 5000 किलोमीटर से ज़्यादा चलाने के बाद, मैं आसानी से कह सकता हूं कि इलेक्ट्रिक वर्जन इस एमपीवी का सबसे बेहतरीन वर्जन है, लेकिन यह एकदम परफेक्ट नहीं है।
पहली खासियत - एक प्रेक्टिकल फैमिली कार
एक अच्छी फैमिली कार में स्पेस और प्रेक्टिकेलिटी बहुत मायने रखती है। कैरेंस क्लाविस में यह दोनों चीजें मिलती हैं। मैंने किआ क्लाविस कार को अकेले भी चलाया है और अपने परिवार व दोस्तों के साथ भी। मैं इसे कई बार मुंबई ले गया हूँ, जहां मेरी पूरी फैमिली कार में बैठी थी और सभी सीटें पैसेंजर्स से भरी हुई थीं। आगे की सीटों पर मैं और मेरे पापा बैठे थे, दूसरी रो में मेरी मां, चाची और चाचा थे, और आखिरी रो में मेरी बहनें बैठी थीं। सभी के पास आराम से बैठने के लिए अच्छी-खासी जगह थी। इनमें से किसी को भी हेडरूम या लेगरूम को लेकर कोई कमी महसूस नहीं हुई। यहां तक कि आखिरी रो में बैठी मेरी बहनों के पास भी शहर के सफर के दौरान एक-दो घंटे आराम से बैठने के लिए पर्याप्त जगह थी।

प्रैक्टिकैलिटी के मामले में भी यह गाड़ी बिलकुल निराश नहीं करती। कार में सबके लिए अच्छा-खासा स्टोरेज स्पेस मिलता है, और हर रो में दो टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट होने से सभी का काम आसान हो गया। बस मेरी एक ही इच्छा थी कि दूसरी रो के सेंटर आर्मरेस्ट में कप होल्डर भी दिए गए होते तो ज्यादा बेहतर रहता।

जब मुझे अपने माता-पिता को एयरपोर्ट छोड़ने जाना था, तो उनके सूटकेस भी कार में रखने पड़े। वह साल में एक बार मुंबई आते हैं, तो मेरे और मेरी बहनों के लिए बहुत सारा सामान लाते हैं और वहां काफी शॉपिंग भी करते हैं। वह अपने साथ एक बड़ा सूटकेस, एक केबिन-साइज सूटकेस और कुछ छोटे बैग लेकर आए थे। अच्छी बात यह रही कि क्लाविस ईवी के साथ मुझे इस बात की कोई चिंता नहीं करनी पड़ी। मैंने तीसरी रो की सीटों को फोल्ड कर दिया, जिससे एक बड़ा और फ्लैट स्पेस बन गया, और मैंने उनके सूटकेस उसमें रख दिए। बूट लिप थोड़ा ऊंचा होने की वजह से सूटकेस रखने में थोड़ी ज्यादा मेहनत लगी, लेकिन चार सूटकेस रखने के बाद भी काफी जगह बच गई थी। इस गाड़ी में एक छोटा फ्रंक भी दिया गया है, जिसका इस्तेमाल मैंने चार्जर रखने के लिए किया।


दूसरी खासियत - पर्याप्त परफॉरमेंस, अच्छा कंफर्ट
आजकल ज़्यादातर इलेक्ट्रिक गाड़ियां आपको एक मज़ेदार स्पोर्ट्स कार चलाने जैसा अनुभव देती हैं, जिसकी मुख्य वजह इलेक्ट्रिक मोटर से मिलने वाला इंस्टेंट टॉर्क और पर्याप्त पावर होती है। जबकि, किआ कैरेंस क्लाविस इस मामले में थोड़ी अलग है। इसमें इंस्टेंट टॉर्क तो मिलता ही है, और रोजमर्रा के सफर के लिए इसमें जरूरत से ज्यादा पावर भी मौजूद है, लेकिन यह पावर और टॉर्क इसमें एक बहुत भारी गाड़ी को संभालने के लिए दी गई हैं। जब मैंने शहर में क्लाविस ईवी को चलाया तो इंस्टेंट टॉर्क की मदद से मैं आसानी से दूसरी गाड़ियों को ओवरटेक कर पाया, लेकिन इसकी पावर डिलीवरी हमेशा एक जैसी रही।

चूंकि इसमें अचानक से तेज़ एसेलेरेशन नहीं मिलती, इसलिए यह उन लोगों के लिए भी बहुत बढ़िया विकल्प है जो इलेक्ट्रिक कार पहली बार चला रहे हैं। मुझे क्लाविस ईवी कभी भी सुस्त या फीकी नहीं लगी। मुझे इसमें हमेशा ज़रूरत के हिसाब से पर्याप्त पावर मिली। किसी भी गाड़ी को ओवरटेक करने से पहले मुझे कभी दो बार नहीं सोचना पड़ा, और 100 किमी/घंटे से ऊपर की रफ्तार तक पहुंचना भी कभी कोई मुश्किल काम नहीं रहा।
क्लाविस ईवी की परफॉरमेंस आपके रोजमर्रा के सफर को आसान बनाने के लिए काफी है, चाहे बात इसे शहर में चलाने की हो या फिर हाइवे पर। अगर आप थोड़ा और मज़ा लेना चाहते हैं, तो बेहतर थ्रॉटल रिस्पॉन्स के लिए आप क्लाविस ईवी को स्पोर्ट्स मोड में भी डाल सकते हैं।

एक फैमिली कार के लिए अच्छा राइड कंफर्ट बहुत मायने रखता है, और क्लाविस ईवी आपको इस मामले में भी बिलकुल निराश नहीं करेगी। मुंबई और पुणे की गड्ढों वाली सड़कों पर गाड़ी पूरी तरह से भरी होने के बावजूद केबिन के अंदर कोई मूवमेंट महसूस नहीं हुआ। शार्प स्पीड ब्रेकर्स पर भी इसके सस्पेंशन ने झटकों को बहुत अच्छे से सोख लिया, जिससे आरामदायक अनुभव मिला। इससे कार में बैठे सभी पैसेंजर्स को अच्छा कंफर्ट मिला। एक बड़ी कार होने की वजह से इसमें थोड़ा बहुत साइड-टू-साइड मूवमेंट जरूर महसूस होता है, लेकिन बैटरी फ्लोर पर लगी होने के कारण इसमें बॉडी रोल बहुत कम फील होता है।
इन खूबियों की वजह से क्लाविस ईवी एक बहुत ही आरामदायक फैमिली कार बन जाती है, और यही एक कारण है कि मेरे परिवार को यह एमपीवी इतनी पसंद है। इसके अलावा, एक और बड़ी वजह है इसकी कम रनिंग कॉस्ट।
तीसरी खासियत - कम रनिंग कॉस्ट
जब आप पेट्रोल या डीजल वाली गाड़ी की बजाए कोई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो आपको इसके लिए ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ती है क्योंकि आईसीई (पेट्रोल/डीजल) वर्ज़न के मुकाबले इलेक्ट्रिक गाड़ियां ज्यादा महंगी होती हैं। अगर आपकी गाड़ी का इस्तेमाल ज़्यादा है और आप अक्सर हाइवे पर ड्राइव करते हैं, तो आप इस ज्यादा कीमत की भरपाई बहुत जल्दी कर सकते हैं और यहीं पर ईवी की कम रनिंग कॉस्ट काम आती है। जब मैं ऑफिस में क्लाविस ईवी को चार्ज करता था, तो फुल चार्ज करने में लगभग 700 रुपये का खर्च आता था, जिससे मेरी रनिंग कॉस्ट 1.70 रुपये प्रति किलोमीटर पड़ती थी। वहीं, फास्ट चार्जिंग स्टेशन पर रनिंग कॉस्ट लगभग 3.5 रुपये से 4 रुपये प्रति किलोमीटर तक हो सकती है क्योंकि वहां बिजली महंगी होती है, लेकिन यह फिर भी पेट्रोल या डीजल वाली गाड़ियों के खर्च से काफी कम है।

जब मेरे पास डीजल क्लाविस थी, तो मेरी रनिंग कॉस्ट टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ लगभग 6 रुपये से 6.50 रुपये आती थी। टर्बो पेट्रोल इंजन के मामले में माइलेज काफी कम होने की वजह से रनिंग कॉस्ट 9 रुपये से 10 रुपये प्रति किमी तक पहुंच जाती है। रनिंग कॉस्ट में यह अंतर समय के साथ जुड़ता जाता है, जिससे इलेक्ट्रिक वर्ज़न के लिए चुकाई गई अतिरिक्त कीमत वसूलने में मदद मिलती है। साथ ही, इससे आपका रोजाना का सफर भी ज़्यादा किफायती हो जाता है।
लेकिन, अगर कोई एक चीज है जो मैं क्लाविस ईवी में देखना चाहता था, तो वह है एक बड़ा बैटरी पैक। यहीं से इसकी पहली और इकलौती बड़ी कमी सामने आती है।
पहली कमी - ज्यादा रेंज की जरूरत
जब हमारे पास क्लाविस ईवी थी, तब हमारे पास क्रेटा इलेक्ट्रिक भी थी। चूंकि इन दोनों ईवी में एक जैसे बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, इसलिए हमने इनका रेंज टेस्ट करने का फैसला किया, और हमें जो नतीजे मिले वह यहां दिए गए हैं। दोनों इलेक्ट्रिक कार को 100% से 0% तक चलाने पर, क्रेटा इलेक्ट्रिक 416 किलोमीटर चली, जबकि क्लाविस ईवी केवल 373 किलोमीटर ही चल पाई। 40 किलोमीटर के इस अंतर का कारण क्लाविस ईवी का ज्यादा वजन है, क्योंकि यह लंबी गाड़ी है और इसमें दो अतिरिक्त सीटें भी मिलती हैं। यही वजह है कि मुझे लगता है कि क्लाविस ईवी में एक बड़ा बैटरी पैक होना चाहिए था।

क्लाविस ईवी के साथ लंबा समय बिताने के दौरान मुझे पुणे से गोवा और फिर गोवा से पुणे वापस आने के लिए एक रोड ट्रिप करनी थी। शुरुआत में तो मैं क्लाविस ईवी ही ले जाना चाहता था, लेकिन इस रेंज टेस्ट के नतीजों को देखने के बाद मैंने क्रेटा इलेक्ट्रिक को ले जाने का फैसला किया, क्योंकि इसमें मुझे 40 किलोमीटर की अतिरिक्त रेंज मिल रही थी। 40 किलोमीटर का यह अंतर भले ही बहुत बड़ा ना लगे, लेकिन इससे रेंज की चिंता बढ़ जाती है। इसकी वजह से आपको चार्जिंग के लिए एक बार और रुकना पड़ता है। क्रेटा इलेक्ट्रिक के मुकाबले आपकी ट्रिप का खर्च भी बढ़ जाता है (जबकि दोनों में एक जैसा ही बैटरी पैक है), और रास्ते में लगने वाला समय भी बढ़ जाता है क्योंकि आपको एक्स्ट्रा चार्जिंग के लिए रुकना पड़ता है।
एक पीपल मूवर गाड़ी में बड़ा बैटरी पैक दिया जाना चाहिए ताकि उससे 400 किलोमीटर से ज़्यादा की रेंज मिल सके। मुझे उम्मीद है कि किआ भविष्य में इसमें एक बड़ी बैटरी देगी।
दूसरी कमी - कई छोटी कमियां
इसके अलावा क्लाविस ईवी में कोई बड़ी कमियां नहीं हैं, लेकिन इसमें दो समस्याएं हैं जो थोड़ा परेशान करने वाली है। पहली टचस्क्रीन को लेकर है। हालांकि, इसकी स्क्रीन में कोई खराबी नहीं है। यह स्मूद चलती है, इसके आइकन इतने बड़े हैं कि आसानी से समझ आ जाएं, और इसका यूजर इंटरफेस भी काफी साफ-सुथरा है। लेकिन इस कीमत पर, एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले वायरलेस होने चाहिए थे, जो कि इसमें वायर्ड मिलता है। वायर्ड होने की वजह से मुझे एक यूएसबी-ए से यूएसबी-सी केबल खरीदनी पड़ी, जिसे हमेशा कार में रखना पड़ता था। मेरे सेंटर कंसोल में हमेशा एक एक्स्ट्रा तार लटकता हुआ नजर आता था। अगर आपने कभी वायर्ड एंड्रॉइड ऑटो का इस्तेमाल किया है, तो आप जानते होंगे कि गाड़ी के एक छोटे से झटके से भी तार हिल सकता है और कनेक्शन टूट सकता है। हालांकि, किआ एक वायर्ड-टू-वायरलेस एडाप्टर भी देती है, जिसे मैंने अपनी पर्सनल कार में इस्तेमाल किया था। लेकिन, कुछ दिनों बाद इसमें कनेक्शन की दिक्कतें आने लगीं, इसलिए मुझे इसका इस्तेमाल बंद करना पड़ा।

दूसरी कमी रियर सीट पर है, जहां पैसेंजर्स के लिए सेंटर आर्मरेस्ट तो है, लेकिन उसमें कोई कपहोल्डर नहीं है। फ्रंट पैसेंजर सीट के पीछे एक ट्रे दी गई है जिसमें एक कप होल्डर तो है, लेकिन उसका कोई बेस नहीं है, इसलिए आप उसमें सिलिंड्रिकल चीज़ें नहीं रख सकते। आप इसमें सिर्फ कोनिकल कॉफी कप ही रख सकते हैं। सेंटर आर्मरेस्ट में कप होल्डर का होना, या फिर ट्रे वाले कप होल्डर में एक बेस का होना काफी अच्छा रहता। इसके अलावा, इसमें ट्रे सिर्फ फ्रंट पैसेंजर सीट के पीछे दी गई है, जबकि इसे ड्राइवर सीट के पीछे भी दिया जाना चाहिए था।

निष्कर्ष :
अगर आप एक आरामदायक,मॉडर्न, फीचर लोडेड और स्पेशियस 7-सीटर कार खरीदना चाहते हैं, जो पेट्रोल या डीजल की बजाय इलेक्ट्रिक हो, तो किआ कैरेंस क्लाविस ईवी एक ऐसा विकल्प है जो आपकी ज्यादातर जरूरतों को पूरा कर सकती है। हालांकि, इसकी रेंज थोड़ी कम है, इसमें कुछ ऐसी कमियां भी हैं जिनका मैंने जिक्र किया है, और इसकी परफॉरमेंस भी बाकी इलेक्ट्रिक कारों की तरह बहुत मजेदार या रोमांचक नहीं है। लेकिन, यह कार आपको और आपके परिवार को इस कीमत में सबसे बेहतरीन स्पेस और कंफर्ट देगी, और लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर भी आपको कोई परेशानी नहीं होगी।

कब प्राप्त हुई : 7 मार्च, 2026
प्राप्त होने के दौरान किलोमीटर: 4233 किमी
अब तक के कुल किलोमीटर: 9449 किमी
खूबियां: स्पेशियस, प्रेक्टिकल, आरामदायक, कम रनिंग कॉस्ट
कमियां: रेंज थोड़ी कम, केवल रिलैक्स ड्राइविंग एक्सपीरिएंस