हुंडई क्रेटा ईवी 6,000 किलोमीटर की फाइनल रिपोर्ट: बस कीमत सही होती, तो बात ही कुछ और होती
Published On अक्टूबर 26, 2026 By उज्ज्वल for हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक
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मुझे नहीं लगता कि मैंने अपनी पिछली किसी भी लंबे समय तक इस्तेमाल की जाने वाली कार को हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक जितना चलाया है। पुणे-गोवा के दो ट्रिप, पुणे-मुंबई के अनगिनत चक्कर, और ऑफिस व जिम आने-जाने के रोजमर्रा के सफर ने इस कार को मेरी जीवनशैली का इतना अहम हिस्सा बना दिया है, जितना कि मेरी जेब में रहने वाला मेरा डिवाइस।
आमतौर पर, इतने ज़्यादा इस्तेमाल के बाद कार में कुछ ना कुछ ऐसा जरूर होता है, जिसे हम बेहतर बनाना चाहते हैं। कभी यह राइड क्वालिटी होती है, कभी फीचर्स का काम करने का तरीका, तो कभी एफिशिएंसी। लेकिन, क्रेटा इलेक्ट्रिक के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है।
हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक ने हमारे लॉन्ग-टर्म फ्लीट में लगभग 6,000 किलोमीटर से ज्यादा का सफर पूरा कर लिया है, और अब समय आ गया है इस सफर के अंतिम निष्कर्ष का। इस दौरान, इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को हर तरह की परिस्थितियों में परखा गया - शहर के रोज़ाना के ट्रैफिक से लेकर लंबी दूरी की यात्राओं तक। यह रिपोर्ट इस बात का विस्तृत विश्लेषण करती है कि क्या क्रेटा इलेक्ट्रिक अपने प्रीमियम प्राइस टैग को सही ठहराती है, और एक भरोसेमंद ऑल-राउंडर के रूप में यह कितनी खरी उतरती है।
एक भरोसेमंद साथी
यह हमारे पास मौजूद रंग में बेहद आकर्षक लग रही थी। इसके स्पेसिफिकेशन्स के बारे में आप हमारी शुरुआती रिपोर्ट में और पढ़ सकते हैं। गोवा की अचानक बनी ट्रिप्स के बावजूद, इसकी रनिंग कॉस्ट ने मेरी जेब पर कोई भारी बोझ नहीं डाला। टर्बो-पेट्रोल इंजन के मुकाबले क्रेटा ईवी की रनिंग कॉस्ट में कितना अंतर है, यह आप हमारी दूसरी रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।

इसमें वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले जैसे फीचर्स की कमी जरूर है, लेकिन कंफर्ट और टेक्नोलॉजी के मामले में इसमें और कुछ भी चाहिए नहीं था। स्मार्टफोन कनेक्टिविटी के लिए भी बस एक एडेप्टर की जरूरत थी। इसके टेक पैकेज में भी कोई खराबी या दिक्कत महसूस नहीं हुई।
एक कमी
हालांकि, कार वापस करने से ठीक एक हफ्ते पहले, इसके ऑटो हेडलैंप फीचर में एक खराबी आ गई थी। लीवर पर टॉगल को ऑटो सेटिंग पर सेट करने के बावजूद, यह उस पर सेट नहीं हो रहा था। यह 'ऑटो' सेटिंग को छोड़कर सीधे पार्किंग लाइट्स या लो बीम सेटिंग पर चला जा रहा था। मुझे इसमें कोई बड़ी दिक्कत नहीं हुई क्योंकि लो बीम, हाई बीम और डीआरएल्स बिल्कुल ठीक तरह से काम कर रहे थे। बस मुझे कार से बाहर निकलने से पहले इसे मैनुअल रूप से बंद करना पड़ा था, क्योंकि जब आपको ऑटो हेडलैंप फीचर की आदत हो जाती है, तो आप इसे बंद करना भूल सकते हैं।

सुधार की गुंजाजिश
इस एक छोटी-मोटी कमी को छोड़कर बाकी सब कुछ बिल्कुल वैसा ही काम करता है जैसा कि होना चाहिए। अगर मुझे कोई और कमी निकालनी हो, तो बस इतना कह सकता हूं कि इसकी डुअल-टोन थीम को मेंटेन रखने के लिए आपको थोड़ी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी। हालांकि, समय-समय पर इसे साफ करते रहने से आपका काम जरूर चल जाएगा। इसके अलावा, मुझे इसके रियर सीट एक्सपीरिएंस, राइड कंफर्ट या परफॉरमेंस को लेकर कोई शिकायत नहीं है।

कीमत
हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक 24.70 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) कीमत पर एक महंगी कार लगती है। इसकी कीमत इसी साइज में आने वाली मारुति ई विटारा से 4 लाख रुपये से भी ज्यादा है। वहीं, यह टाटा हैरियर ईवी और महिंद्रा एक्सईवी 9एस के मिड-वेरिएंट्स से छोटी है, जिसमें बड़े बैटरी पैक मिलते हैं जो असल ड्राइविंग कंडीशन में बेहतर रेंज देते हैं।

इस कीमत पर हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक सबसे समझदारी भरे विकल्पों में से एक हो सकती है। इसमें मॉडर्न लुक, बेहतरीन बैटरी मैनेजमेंट और ऐसा टेक पैकेज है जिस पर आप आंख मूंदकर भरोसा कर सकते हैं। निष्कर्ष यह है कि क्रेटा इलेक्ट्रिक अपनी कीमत के हिसाब से बाजार में सबसे समझदार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में से एक हो सकती है, लेकिन इस प्रीमियम को सही ठहराना बेहद मुश्किल है। यह उन खरीदारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जिनके लिए बजट कोई बाधा नहीं है और वह एक कॉम्पैक्ट, स्टाइलिश और भरोसेमंद इलेक्ट्रिक एसयूवी चाहते हैं। लेकिन, जो ग्राहक अपने पैसे की पूरी कीमत वसूलना चाहते हैं, उन्हें शायद बाजार में इससे बेहतर वैल्यू वाले विकल्प मिल जाएंगे।
प्राप्त किलोमीटर: 13,340 किमी
तय की गई दूरी: 19,500 किमी
खूबियां: भरोसेमंद टेक्नोलॉजी, हर तरह से बेहतरीन पैकेज
कमियां: कीमत