
ऑडी आरएसक्यू8 का वजन 2.4 टन है जिसमें 4.0 लीटर टीएफएसआई ट्विन टर्बो वी8 इंजन दिया गया है। ये इंजन लैंबॉर्गिनी उरूस से लिया गया है जिसका आउटपुट इससे कम: 600 पीएस और 800 एनएम है। इस इंजन के साथ क्वात्रो ऑल व्हल ड्राइव दिया गया है जो हर व्हील पर पावर पहुंचाता है और जरूरत पड़ने पर ये 84 प्रतिशत पावर सीधे रियर व्हील पर भी पहुंचा सकता है।
लॉन्च कंट्रोल
लॉन्च कंट्रोल को इंगेज करना काफी सिंपल है। इसके लिए आपको स्टीयरिंग व्हील पर लगे स्पेशल आरएस बटन को दबाना होता है। इसके बाद ये कार इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर आपको येलो कलर के फॉन्ट में लॉन्च कंट्रोल एक्टिव होने का साइन दिखाई देगा। एक्सलरेटर पर पैर रखने के बाद ये कार कब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को क्रॉस कर लेगी इसका अंदाजा भी आपको नहीं हो पाएगा। इसके बाद काफी कम समय में ये 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी पहुंच जाती है। इस एसयूवी में एक वी बॉक्स भी इंस्टॉल करके दिया गया है जिससे ही हमें ये मालूम चला कि इसे 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने में 3.82 सेकंड का समय लगा वहीं ये 13.89 सेकंड का समय लेकर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को पार कर गई। कारदेखो ने आज तक जितनी भी कारों को टेस्ट किया है उन सबमें से ये सबसे ज्यादा तेज कार निकली। हमने इसे 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक ही चलाकर देखा जबकि आप इसे 305 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर भी चला सकते हैं। इन गियर एक्सलरेशन की बात करें तो इसे 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने में 3.16 सेकंड का समय लगा।

इससे पहले भी हमने सुपरकार चलाई है जिनमें सबसे लेटेस्ट थी लैंबॉर्गिनी हराकैन ईवो। वो ऑडी से ज्यादा तेज है जिसे 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने में 2.9 सेकंड का समय लगता है जबकि ऑडी को 3.8 सेकंड। जहां ऑडी को 100 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने में 10.07 सेकंड का समय लगता है, वहीं हराकैन ईवो को मात्र 6 सेकंड। लैंबॉर्गिनी का ग्राउंड क्लीयरेंस आरएसक्यू8 से कम भी है।
ये सुपरकार्स स्पीड तो काफी तेजी से पकड़ लेती हैं मगर इन्हें धीरे करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। हालांकि आरएसक्यू8 के लिए ये बात नहीं कही जा सकती है। 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हुए ब्रेक लगाने पर ये महज 34 मीटर चलकर रुक जाती है। जबकि आमतौर पर दूसरी गाड़ियां 40 मीटर चलकर रुकती है और सबसे बड़ी बात ये कि ऑडी की इस एसयूवी का वजन भी 2.4 टन है। इसमें 295 सेक्शन के टायर दिए गए हैं वहीं इन टायरों को रोकने के लिए 420 मिलीमीटर के ब्रेक से फोर्स लगती है।

आरएसक्यू8 की सबसे अच्छी बात ये है कि एक्सलरेट करते समय इसमें किसी पैसेंजर को कोई झटका नहीं लगता है और ब्रेक लगाने के दौरान भी उनको कोई परेशानी नहीं आती है। हालांकि, आरएस मोड ऑन करते ही एग्जॉस्ट से आवाज आती है वहीं इंजन भी कुछ शोर मचाता है।
ऑडी आरएक्सयू8 में फ्यूल एफिशिएंसी के लिए 48 वोल्ट की माइल्ड हाइब्रिड टेक्नोलॉजी और सिलेंडर डिएक्टिवेशन का फीचर दिया गया है। इसके अलावा इसमें अलग अलग ड्राइव मोड्स भी दिए गए हैं। हमें ईको और कंफर्ट मोड्स पर कार चलाते वक्त इसका इंजन थोड़ा ढीला पड़ता दिखाई दिया। जब आप इसे डायनैमिक मोड पर चलाते हैं तो उस दौरान आप इसके इंजन से आने वाली सही पावर को महसूस कर सकते हैं। हमने इसके ऑफ रोड मोड्स का टेस्ट नहीं किया क्योंकि ऐसा करने के लिए ऑडी ने हमें इजाजत नहीं दी थी।

इसके एयर सस्पेंशन की बात करें तो ये मोड्स के अनुसार इस कार की ऊंचाई को बदलते रहते हैं। ये काफी तेजी से काम करते हैं और ऐसा होते हुए आप देख भी सकते हैं। डायनैमिक और आरएस मोड पर इस एसयूवी की ऊंचाई कम हो जाती है। वहीं कंफर्ट मोड पर इसकी ऊंचाई बढ़ जाती है। ऐसा होने के कारण भी हैं जहां अच्छे एयरोडायनैमिक्स के लिए गाड़ी की ऊंचाई का कम होना बेहद जरूरी होता है, साथ ही कार का वजन भी कंट्रोल में रहता है वहीं ऑफ रोडिंग के लिए गाड़ी की ऊंचाई होना जरूरी होता है।
राइड और हैंडलिंग

इस एसयूवी में आपको स्पोर्ट्स कारों जैसा परफैक्ट राइड बैलेंस नहीं मिलेगा। हालांकि कॉर्नर्स या गड्ढों पर तेज गति के दौरान इसमें अच्छा बैलेंस बना रहता है।
कॉर्नर पर आप इस एसयूवी के वजन तक को महसूस कर सकते हैं,हालांकि बाद में ये सैटल हो जाती है और व्हील्स पर पावर पहुंच जाने के बाद ग्रिप भी अच्छी बनती है।

जितना इसका एक्सलरेशन आपको पसंद आएगा उसके कंपेरिजन में हैंडलिंग उतनी खास नहीं लगेगी।
ग्राउंड क्लीयरेंस के मोर्चे पर सिटी के अंदर इस कार को आप बिना किसी चिंता के कैसे भी चला सकते हैं।
बूट स्पेस

इस एसयूवी में बूट स्पेस की कोई कमी नहीं है। आप इसमें अच्छा खासा लगेज एवं बैग्स रख सकते हैं।