मारुति विक्टोरिस लॉन्ग टर्म इंट्रोडक्शन: एक नई शुरूआत!
Published On फरवरी 02, 2026 By उज्ज्वल for मारुति सुजुकी विक्टोरिस
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मारुति की विक्टोरिस कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में लेटेस्ट पेशकश है और यह मारुति ग्रैंड विटारा के फॉर्मूले पर आधारित है, लेकिन कुछ नए एलिमेंट्स और मसालों के साथ जो इसे एक अलग स्वाद देते हैं। खासकर नई टाटा सिएरा के आने के बाद इस सेगमेंट में कॉम्पिटशन काफी बढ़ गया है जिससे मारुति की इस नई पेशकश के लिए इस सेगमेंट में जीत हासिल करना मुश्किल हो सकता है और यह तो समय ही बताएगा। लेकिन क्या यह हमारे दिलों पर कब्जा कर पाएगी?
खैर, हमारे पास जवाब ढूंढने के लिए काफी समय है क्योंकि मारुति विक्टोरिस को कारदेखो गैरेज में आए अभी तीन महीने ही हुए हैं। और किआ सिरोस के साथ बिताए समय के बाद, मुझे एक नई गाड़ी की जरूरत थी। तो यह सिर्फ मारुति के लिए ही नहीं (विक्टोरिस के साथ) एक नई शुरुआत है, बल्कि मेरे लिए भी।
वेरिएंट
मुझे पूरा विश्वास है कि दुनिया अपने रंग और जीवंतता खो रही है। सौंदर्य की तलाश में हर चीज़ सादगी और संयम की ओर बढ़ रही है। लेकिन अगले तीन महीनों के लिए, मुझे इस बात की खुशी होगी कि मैं इस मारुति विक्टोरिस और इसके सिजलिंग रेड कलर में घूमते हुए दुनिया में कुछ चमक वापस लाने में अपना योगदान दे सकूंगा। यह मारुति द्वारा विक्टोरिस के लिए पेश किए जाने वाले 7 कलर में से एक है और निस्संदेह सबसे चटख रंग भी है।

व्यक्तिगत तौर पर, मुझे विक्टोरिस का लुक उतना पसंद नहीं है, लेकिन इसका कलर और ब्लैक कलर के कंट्रास्ट एलिमेंट्स इसे आकर्षक बनाते हैं। वेरिएंट की बात करें तो, मारुति ने हमें टॉप-जेडएक्सआई+ (ओ) वेरिएंट भेजा है, जिसमें 1.5 लीटर माइल्ड-हाइब्रिड, नैचुरली एस्पिरेटेड (एनए), पेट्रोल ऑटोमैटिक इंजन और ऑल-व्हील ड्राइव (ऑलग्रिप सलेेक्ट) दिया गया है। मेरा बजट तो हाइब्रिड वेरिएंट को पसंद करता, क्योंकि मारुति की किसी भी कार में इसकी माइलेज सबसे ज़्यादा बताई जाती है, लेकिन मैं इस इंजन को भी आज़माने के लिए उत्सुक हूं।
पहला इंप्रेशन
सच कहूं तो, ऑटोमोबाइल उद्योग में हो रहे नए-नए लॉन्च और शोकेसिंग के चलते, जिनकी ताज़ा जानकारी आपको हमारे न्यूज सेक्शन में मिलेगी, मुझे कार को ठीक से चलाने का समय ही नहीं मिल पाया है। मेरा आना-जाना ऑफिस तक ही सीमित रहा है और अब तक मैंने जो देखा है, वह यही है।

मारुति ने हमेशा की तरह इस कार के एर्गोनॉमिक्स को बखूबी अंजाम दिया है। उन्होंने मॉर्डन केबिन डिज़ाइन के चक्कर में फिजिकल बटन और टॉगल को हटाया नहीं है, फिर भी डैशबोर्ड बेहद स्टाइलिश दिखता है।
शुरुआती कुछ ड्राइव में, इंटीरियर का पूरा अनुभव वाकई प्रीमियम लगा। शायद ड्यूल टोन फिनिश, पियानो ब्लैक एलिमेंट्स या फिर इसका पूरा डिज़ाइन ही मुझे इतना पसंद आया। लेकिन जैसे-जैसे मैंने अलग-अलग फीचर्स का इस्तेमाल करना शुरू किया, प्रीमियम का वो एहसास काफी कम हो गया। फिटिंग में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन फिनिशिंग में और सुधार की गुंजाइश थी।
इस कीमत के हिसाब से प्लास्टिक की फिनिशिंग और बेहतर हो सकती थी, लेदरेट डैशबोर्ड थोड़ा और मुलायम हो सकता था, और बटनों में बेहतर डैम्पिंग होनी चाहिए थी। वॉल्यूम नॉब एकदम कमजोर लगता है और पावर विंडो स्विच को अपग्रेड करने की सख्त जरूरत है। ये सब कोई बहुत बड़ी खामी नहीं हैं, लेकिन इस सेगमेंट में हो रहे बदलावों को देखते हुए मारुति को इन छोटी-छोटी कमियों को थोड़ा और बेहतर तरीके से पूरा करना चाहिए था।

मैं फिलहाल 8-स्पीकर वाले इंफिनिटी-ट्यून्ड साउंड सिस्टम पर कमेंट करने से परहेज करूंगा, लेकिन बाकी सब कुछ ठीक से काम करता है। वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले के साथ एक बेहतरीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, साफ और आसानी से नेविगेट होने वाला ड्राइवर डिस्प्ले, मजबूत वेंटिलेटेड सीटें और एक बड़ी पैनोरमिक सनरूफ अब तक इसके पैकेज की कुछ प्रमुख फीचर्स हैं।
मैंने अभी तक ऑटोनॉमस ड्राइविंग असिस्टेंस (एडीएएस) फीचर्स का इस्तेमाल नहीं किया है, लेकिन मुझे ब्लाइंड-व्यू मॉनिटर की कमी खल रही है। जब कार में चारों तरफ कैमरे लगे हैं, तो ब्लाइंड स्पॉट के लिए भी फीड क्यों नहीं दी जाती?

पावरट्रेन के बारे में मेरी राय फिलहाल शहर के अंदर की ड्राइविंग तक ही सीमित है और मैंने तीन चीजें महसूस की हैं।
- मुझे एक्सलरेट करते समय साउंड वाइब्रेशन (एनवीएच) का लेवल और बेहतर चाहिए था। यह क्रेटा या सेल्टोस के 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन जितना शांत नहीं है और इसकी आवाज़ केबिन के अंदर तक आती है।
- इसका ट्रांसमिशन बेहद स्मूद है। यह बिना झटके के काम करता है और पैडल शिफ्टर्स के ज़रिए मैनुअल डाउनशिफ्ट करने पर काफ़ी तेज़ी से रिस्पॉन्स देता है।
- शहर के लिए इसकी परफॉर्मेंस एकदम सही है – भीड़भाड़ वाले ट्रैफ़िक में भी यह स्मूद तरीके से चलता है, स्पीड बढ़ाते समय अच्छे से रिस्पॉन्स देता है और तेज़ी से ओवरटेक करने के लिए पर्याप्त रूप से रिस्पॉन्सिव महसूस होता है।
अब आगे क्या?
ऑफिस के रोज़ाना के सफ़र के अलावा, विक्टोरिस मुंबई-पुणे-मुंबई के कई चक्कर लगाने वाली है। इतना ही नहीं, मैं जल्द ही इसके ऑल-व्हील ड्राइव को एक दिलचस्प ऑफ-रोड टेस्ट में उतारने की योजना बना रहा हूं, तो देखते रहिए!

वैसे: मैं विक्टोरिस को चलाने के लिए बहुत उत्सुक हूं क्योंकि मेरे माता-पिता टोयोटा हाइराइडर (ग्रैंड विटारा का नया वर्जन) चलाते हैं और दोनों कारों में काफी समानताएं हैं, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि उनमें क्या अंतर हैं।
खूबियां: ब्राइट एक्सटीरियर कलर, बेहतरीन एर्गोनॉमिक्स, स्मूद इंजन और ट्रांसमिशन
कमियां: बटन और प्लास्टिक की क्वालिटी हल्की लगती है, ब्लाइंड व्यू मॉनिटर उपलब्ध नहीं है
प्राप्त तिथि : 18 नवंबर 2025
प्राप्त होने पर किलोमीटर : 390 किलोमीटर
अब तक तय की गई दूरी: 1042 किलोमीटर