
फेसलिफ्ट अपडेट के साथ डैटसन गो+ के इंटीरियर बिलकुल ही नया है। कंपनी ने इसमें नए डिज़ाइन का डैशबोर्ड दिया है। गो हैचबैक से अलग डैटसन गो+ में ऑल-ब्लैक की जगह ड्यूल-टोन थीम दी गई है। साथ ही इसके साइड एसी वेंट्स, सेंटर कंसोल, डोर हैंडल, स्टीयरिंग व्हील और गियर पैनल के पास सिल्वर कलर हाइलाइट्स भी दी गयी है।

कंपनी ने कार के सेंट्रल एसी वेंट की डिज़ाइन में भी बदलाव किया है। एक चीज़ जिसकी कमी अब भी खल रही है वो ये कि कंपनी ने इसमें अब भी स्टीयरिंग व्हील को एडजस्ट करने का कोई फंक्शन नहीं दिया है। साथ ही इसपर अब भी आपको ऑडियो या टेलीफोनी के लिए कोई कंट्रोल नहीं मिलेंगे।

कार का इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर नया है। यह निसान माइक्रा वाली यूनिट है। इस इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के बाएं में एनालॉग टेकोमीटर, सेंटर में स्पीडोमीटर और दाएं हिस्से में वॉर्निंग इंडीकेटर्स और ऑरेंज बैकलाइट वाली मल्टी-इनफार्मेशन डिस्प्ले (एमआईडी) दी गई है। इस एमआईडी में आप ओडोमीटर, ट्रिपमीटर, फ्यूल लेवल, फ्यूल रेंज (डिस्टेंस टू एम्प्टी) और टाइम आदि देख सकते हैं। लेकिन गौरतलब है कि इसमें लेन-चेंज-इंडिकेटर नहीं दिया गया है जो कि बेहद बेसिक और जरुरी फीचर है।

डैटसन गो में सबसे बड़ा बदलाव के रूप में 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है। इस इंफोटेनमेंट का टच रिस्पांस अच्छा है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें एप्पल कारप्ले, एंड्रॉयड ऑटो, यूएसबी, ऑक्स-इन और ब्लूटूथ मिलता है। यूएसबी और ऑक्स -इन पोर्ट को गियर शिफ्टर के नीचे पैनल पर दिया गया है, जिसपर शायद आपकी एक बार में नज़र पा पड़े। यह इंफोटेनमेंट सिस्टम रिवर्स कैमरा व्यू को भी सपोर्ट करता है लेकिन इसके लिए आपको कैमरा एक्सेसरीज के रूप में अलग से लगवाना होगा। डैटसन ने इसमें केवल दो ही स्पीकर्स दिए गए है जिनकी ऑडियो क्वालिटी कुछ ख़ास नहीं है। इन्हें शायद आप जरूर अपडेट करवाना चाहेंगे। इंफोटेनमेंट सिस्टम के नीचे की ओर एयर कंडीशनिंग सिस्टम के कंट्रोल्स दिए हैं जिन्हें आपको मैनुअली एडजस्ट करना होगा।

डैटसन ने अब इसके गियर लीवर पोज़िशन में भी बदलाव किया है। इसे अब डैशबोर्ड की जगह सेंटर-कंसोल टनल पर दिया है। गियर लीवर के साइड में पैसेंजर सीट की ओर इसमें 12-वोल्ट का पावर सॉकेट दिया गया है। साथ ही, कस्टमर्स के फीडबैक पर डैशबोर्ड पर माउंटेड हैंडब्रेक को भी अब पारम्परिक रूप से दोनों फ्रंट सीटों के बीच दिया गया है।

कंपनी ने कार की सीटों में भी बदलाव किया है। कंपनी इस नई सीटों को "एंटी-फटीग सीट" कहती है। ये सीटें लम्बी दूरी की यात्रा में भी आपको अच्छी कुशनिंग और पीठ को अच्छा सपोर्ट देती है। यह एक जरुरी अपडेट था क्योंकि डैटसन की कारें पहाड़ी इलाकों में ज्यादा पॉपुलर है जहां छोटी दूरी की यात्रा भी विकट रास्तों के काऱण भारी लगती है। लेकिन स्टीयरिंग व्हील की तरह इसमें ड्राइवर सीट की हाइट को भी एडजस्ट नहीं किया जा सकता है। हालांकि, कंपनी ने फेसलिफ्ट अपडेट के साथ इसमें इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल ओआरवीएम का फीचर जरूर पेश किया है जिससे इन मिरर को सेट करने में आपको कोई परेशानी नहीं होगी।
एडजस्टमेंट की बात निकली है तो बता दें कि इसकी फ्रंट और रियर दोनों सीटों पर फिक्स हेडरेस्ट मिलते हैं जिन्हें भी एडजस्ट नहीं किया जा सकता है जो कि ऊंचे कद वाले लोगो के लिए थोड़ा मुश्किल पैदा कर सकता है।

कार की रियर सीटों पर भी अच्छा हेडरूम और लेगरूम मिलता है। लेकिन इस बेंच सीट को थोड़ा नीचे पोज़िशन किया गया है जिससे आपके घुटने ऊपर की ओर रहते है। परिणामस्वरुप, थाई-सपोर्ट की कमी महसूस होती है। इसके अलावा, तीन एडल्ट पैसेंजर के बैठने पर इसमें शोल्डर रूम की भी कमी लगती है। इसमें सेंटर आर्मरेस्ट, स्टोरेज स्पेस, सीट बैक पॉकेट और डोर बोतल होल्डर जैसे बेसिक फीचर्स की कमी है।

फेसलिफ्टेड गो+ की थर्ड रो का एक्सपीरियंस पहले जैसा ही है। यह केवल छोटे बच्चों के लिए उपयुक्त है। इसमें किसी भी तरह से एडल्ट पैसेंजर कम्फर्टेबल हो कर नहीं बैठ पाएंगे। साथ ही, इसकी थर्ड रो में कोई हेडरेस्ट नहीं मिलता है। कंपनी को कम से कम इसमें फिक्स हेडरेस्ट को देना चाहिए था।
कहने को डैटसन गो+ एक 7 सीटर कार है लेकिन क्या इसमें सच में 7 लोग बैठ सकते हैं। 7 एडल्ट पैसेंजर्स का इसमें साथ बैठना अनकम्फर्टेबल होगा और यदि आपकी हाइट अगर ज्यादा है फिर तो कहने ही क्या! साथ ही इसमें हेडरेस्ट और रियर एसी वेंट्स की भी कमी है। हमारे अनुसार इसकी थर्ड रो को केवल बच्चों के लिए ही उपयोग किया जाना चाहिए या इसे फोल्ड कर 347 लीटर बूटस्पेस का लुफ्त उठा सकते है।
