किआ सिरोस फाइनल लॉन्ग टर्म रिपोर्ट : हर तरह से आश्चर्यजनक
Published On जनवरी 30, 2026 By उज्ज्वल for किया सिरोस
- 1 View
- Write a comment

किआ सिरोस को साढ़े तीन महीने तक अपनी पर्सनल कार के तौर पर इस्तेमाल करने के बाद अब इसे अलविदा कहने का समय आ गया है। जो रिश्ता प्यार-नफरत से शुरू हुआ था, वह मेरी तरफ से किआ की इस छोटी सब-4मीटर एसयूवी कार के लिए बहुत ज्यादा तारीफ और सम्मान में बदल गया है। मैं पहले ही बता चुका हूं कि मैं डीजल पावरट्रेन से कितना ज्यादा प्रभावित हूँ, इसकी युनीक स्टाइलिंग मुझे कैसे पसंद आने लगी है, और इसमें कौनसी छोटी-मोटी कमियां हैं। यह सभी बातें पिछली दो रिपोर्ट्स में बताई गई थी।
अब इस आखिरी रिपोर्ट में उन चीजों को हाइलाइट किया गया है कि किआ सिरोस बिना ज्यादा मेहनत के सेगमेंट में सबसे अच्छी कैसे साबित होती है। सबसे पहला एक्सपेरिमेंट मैंने सिरोस की राइड कंफर्ट को बेहतर बनाने का किया।
राइड क्वालिटी एक्सपेरिमेंट
डिजाइन के अलावा किआ सिरोस की राइड क्वालिटी ही एकमात्र ऐसी चीज थी जो मुझे इस गाड़ी को चलाने से रोक रही थी, जब यह कारदेखो फ्लीट में दो दूसरी नई लॉन्ग-टर्म गाड़ियों के साथ लॉन्ग-टर्मर के तौर पर आई थी।

मैंने यह पता लगाने के लिए टायर प्रेशर के साथ एक्सपेरिमेंट किया कि क्या इससे राइड कंफर्ट बेहतर हो सकता है। नतीजा? इससे कोई फायदा नहीं हुआ।
रिकमेंड किए गए टायर प्रेशर से 2-3पीएसआई कम करने पर राइड क्वालिटी खराब हो गई। इस गाड़ी के सस्पेंशन गड्ढों से गुजरने पर कम पावरफुल लगे जिसके चलते झटके केबिन के अंदर महसूस हुए। टायर प्रेशर बढ़ाने से राइड क्वालिटी पहले से भी ज्यादा बाउंसी हो गई। इस स्थिति में झटके महसूस नहीं हुए, मगर कार को ऊबड़-खाबड़ जगह पर स्थिर होने में ज्यादा समय लगा जिससे केबिन के अंदर मूवमेंट महसूस हुआ।
तो, आखिर में नतीजा यह है कि रिकमेंडेड टायर प्रेशर पर ही टिके रहना सबसे अच्छा है।
बेंचमार्क करती है सेट
सब-4 मीटर एसयूवी सेगमेंट में कड़ा कम्पटीशन है, हर दिन सिरोस की प्रतिद्व्न्दी कारें नए-नए अपडेट के साथ एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करती हैं। लेकिन, यह कहना सही होगा कि सिरोस पर कोई भी जल्द ही जीत हासिल नहीं कर सकता है।

केबिन के अंदर जाकर आपको महसूस होगा कि आप किसी बड़ी कार में बैठे हैं और यह गाड़ी टाटा हैरियर जैसी बड़ी कार की तरह अहसास दिलाती है। इसमें दी गई लाइट डुअल-टोन कलर थीम और बड़ी विंडो यह अहसास दिलाने में अहम भूमिका निभाती हैं। इसका केबिन काफी स्पेशियस है, ऐसे में यह कहना मुश्किल होगा कि आप किसी सब-4 मीटर कार में बैठे हैं।
पियानो ब्लैक एलिमेंट की बजाए इसमें डैशबोर्ड पर ग्लॉस ग्रे एलिमेंट दिए गए हैं। यह ना केवल आकर्षक दिखते हैं, बल्कि इसे मेंटेन करना भी काफी आसान है। इसमें सेंटर कंसोल के आसपास स्मूद सरेस दिया गया है जो मुकाबले में मौजूद गाड़ियों में मिलने वाले प्लास्टिक के मुकाबले ज्यादा प्रीमियम और यूनीक लगता है। इसमें लेदर का अच्छा-खासा इस्तेमाल किया गया है और इसमें लगे प्लास्टिक का टेक्सचर भी काफी अच्छा है।
इसके अलावा एसी वेंट्स का वेट, और बटन और इंडिकेटर स्टॉक्स की डैम्पिंग – इन सभी चीजों में इतनी प्रीमियम फील है कि वह 30 लाख रुपये की कार में बिलकुल अजीब नहीं लगेगी।
इस गाड़ी की प्रैक्टिकैलिटी भी सेगमेंट में सबसे अच्छी है। ऐसा लगता है कि इसमें हर चीज बहुत सोच-समझकर तैयार की गई है, और यह सिरोस के पूरे इन-कार एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने में मदद करती है।
स्क्रीन प्लेसमेंट से लेकर यूजर इंटरफेस और एक्सपीरिएंस तक, इंफोटेनमेंट पैकेज का एग्जिक्यूशन भी एकदम सही है। इसमें सेगमेंट में पहली बार मिलने वाले कई सारे फीचर दिए गए हैं जिसमें रियर वेंटिलेटेड सीटें और 5-इंच क्लाइमेट कंट्रोल टचस्क्रीन शामिल हैं।
इसमें पीछे वाली सीट पर स्लाइड फंक्शन और रेक्लाइन एंगल दिया गया है। इन सभी चीजों की वजह से यह गाड़ी सेगमेंट में अच्छा बेंचमार्क सेट करती है।
आखिरी शब्द

किआ सिरोस ने मुझे सच में काफी सरप्राइज किया है जिसकी मैंने उम्मीद नहीं की थी। यह गाड़ी ना केवल ऑन-रोड इम्प्रेस करती है, बल्कि यह प्रीमियम फीचर्स, वर्सेटिलिटी और शानदार सेफ्टी फीचर के साथ एक बड़ी कार जैसा फील भी देती है।
इसकी कीमत मुकाबले में मौजूद गाड़ियों से थोड़ी ज्यादा है, लेकिन यह पैकेज इतना अच्छा है कि यह सेगमेंट से ऊपर वाली गाड़ी को कड़ी टक्कर दे सकती है। कुल मिलाकर, यह एसयूवी कार उन लोगों के लिए अच्छी है जिनके पास बड़ी कार खरीदने का बजट है, जो बड़ी कार का अनुभव करना चाहते हैं, लेकिन असल में भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में बड़ी कार को पार्क करना या फिर चलाना नहीं चाहते हैं। किआ ने सिरोस को अच्छी तरह से तैयार करने पर काम किया है।
खूबियां : शानदार इन-कार एक्सपीरिएंस
खामियां - खराब राइड क्वालिटी, लुक्स बेहतर हो सकते थे
तारीख जब हमें यह प्राप्त हुई : 23 मई 2025
प्राप्त होने पर किलोमीटर : 4,243 किलोमीटर
अब तक तय की गई दूरी: 8,750 किलोमीटर