Q ) कार लोन पर लगने वाले फिक्सड-रेट और फ्लोटिंग-रेट इंटरेस्ट में क्या है अंतर?
Q ) कार लोन पर लगने वाले फिक्सड-रेट और फ्लोटिंग-रेट इंटरेस्ट में क्या है अंतर?
A )
फिक्सड इंटरेस्ट रेट:
फिक्सड इंटरेस्ट रेट में लोन की पूरी अवधि तक हर महीने निश्चित किश्त अमाउंट का भुगतान करना होता है। इसमें ब्याज दरें फ़िक्स होती हैं और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भी बदलती नहीं है। इस प्रकार ऋणी को भविष्य में दी जाने वाली तय राशि के बारे में पहले से ही पता होता है।
फ्लोटिंग/वेरिएबल इंट्रेस्ट रेट :
फिक्स्ड इंट्रेस्ट रेट के विपरीत फ्लोटिंग इंट्रेस्ट रेट मार्केट के हिसाब से बदलता रहता है। कभी यह फिक्स्ड इंट्रेस्ट रेट से 1-3% तक कम रहता है, तो कभी इससे ज्यादा भी हो सकती है। हालांकि यह फिक्स्ड इंट्रेस्ट रेट से काफी सस्ता ही पड़ता है। फ्लोटिंग इंट्रेस्ट रेट के लिए कार लोन की अवधि एक निश्चित परसेंट को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें ग्राहक खुद समय सीमा तय करता है और फाइनेंस कंपनी ब्याज दरें समय अवधि के अनुसार चार्ज करती हैं। इसकी अवधि 1 महीने से 7 साल तक के बीच हो सकती है।