स्कोडा रोड टेस्ट रिव्युज

इसका मुकाबला फोक्सवैगन वर्टस,होंडा सिटी और हुंडई वरना से है।

इस एसयूवी को कुशाक वाले प्लेटफॉर्म पर ही तैयार किया गया है और इसमें काफी सारे फीचर्स कुशाक से ही लिए गए हैं।

क्या कुशाक के मुकाबले क्या आप कोई पॉपुलर मॉडल लेना चाहेंगे या फिर कुशाक की कंफर्टेबल राइड और रोमांचक ड्राइव के लिए इसे ही चुनना चाहिए?

ऑक्टाविया ने तो जैसे मेरी जिंदगी ही बदल कर रख दी और मैं तो जैसे इसे ड्राइव करने के अलग अलग बहाने ढूंढने लगा।

इस कार से हमें 10.1 किलोमीटर प्रति लीटर की फ्यूल एफिशिएंसी मिली। ये कार अब तक 7300 किलोमीटर ड्राइव की जा चुकी है और ये हमें जब मिली तब तक ये 2000 किलोमीटर चल चुकी थी।

अब रैपिड की जगह स्कोडा के लाइनअप में नई स्लाविया सेडान लॉन्च हो चुकी है जिसका सीधा मुकाबला होंडा सिटी सेडान से है। अब इनमें से कौनसी सेडान आपको लेनी चाहिए इसके लिए हमनें कुछ मोर्चों पर दोनों का कंपेरिजन किया है, जिसपर आप भी डालिए एक नजर:

क्या स्केडा स्लाविया में है सेडान कारों के प्रति लोगों को फिर से आकर्षित करने का दमखम? लुक्स, फीचर लिस्ट और इंजन परफॉर्मेंस को देखकर तो यही लग रहा है।

दो साल के बाद एक बार फिर से स्कोडा का फ्लैगशिप मॉडल इंडियन मार्केट में वापस आ गया है। कॉस्मैटिक एक्सटीरियर अपडेट, लंबी फीचर लिस्ट और ब्रांड न्यू टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ कोडिएक पहले से बेहतर होकर वापस आई है। क्या कुछ बदलाव हुए हैं इसमें ये सब आप जानेंगे आगे:

स्कोडा ऑक्टाविया ग्राहकों के बीच अपनी परफॉर्मेंस, लग्ज़री और प्रेक्टिकेलिटी को लेकर हमेशा एक परफेक्ट पैकेज साबित हुई है। लेकिन, नई जनरेशन की ऑक्टाविया की बात करें तो इसकी रोड प्रजेंस इससे थोड़ी अलग नज़र आती है। यह गाड़ी पुराने मॉडल से ज्यादा प्रीमियम है, साथ ही दमदार परफॉर्मेंस भी देती है। हालांकि अब

स्कोडा कुशाक भारत में लॉन्च हो चुकी है। इस कार के नाम का मतलब एक 'राजा' से है लेकिन मिड साइज एसयूवी सेगमेंट में किंग हुंडई क्रेटा है

स्कोडा ने संस्कृत के शब्द 'कुशक' से ये नाम लिया है जिसका मतलब किंग या राजा से है। कंपनी के लिए ये कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण कार भी है जो इसकी फर्स्ट मेड इन इंडिया, फर्स्ट इंडियन नेम और फर्स्ट मेड फॉर इंडिया प्रोडक्ट है।

बाजार में स्कोडा कुशाक हुंडई क्रेटा और किया सेल्टोस को कड़ी टक्कर देगी। हालांकि ये मुकाबला काफी कड़ा होगा और स्कोडा की इस अपकमिंग एसयूवी कार के लिए बाजार में हिट होना उतना आसान भी नहीं रहने वाला है।

प्रीमियम सेडान सेगमेंट में स्कोडा रैपिड एक शानदार और ड्राइवर फोकस्ड कार रही है। इसके कुछ मुख्य कारण इसकी सॉलिड क्वालिटी, अच्छे पावरट्रेन और ड्राइविंग डायनामिक्स है।

बीएस6 नॉर्म्स लागू हो जाने के बाद से कंपनी ने रैपिड से 1.5 लीटर डीजल इंजन और डीएसजी गियरबॉक्स का कॉम्बिनेशन हटा दिया है। साथ ही, कंपनी ने 1.6 लीटर पेट्रोल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक का ऑप्शन देना भी बंद कर दिया है।
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