गडकरी ने राज्यसभा में एक एयरबैग की काॅस्ट महज 800 रुपये होने का किया दावा, कहा हर कार में हो कम से कम 6 एयरबैग
काफी समय से सरकार भारत में बिकने वाली हर कार में 6 एयरबैग्स को अनिवार्य करने पर जोर दे रही है। ये नियम इस साल अक्टूबर से लागू हो सकता है, मगर इसपर आखिरी फैसला सरकार को अब भी लेना बाकी है।
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राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग केबिनेट मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि एक एयरबैग की काॅस्ट केवल 800 रुपये होती है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार चाहती है कि कार में बैठने वाले हर पैसेंजर के लिए एयरबैग मौजूद हो।
बता दें कि
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ये भी बता दें कि एक साइड एयरबैग को फिट करने की काॅस्ट कम आती है, मगर कर्टेन एयरबैग को फिट करने के लिए उस माॅडल को दोबारा तैयार करना पड़ता है जिसमें ये पहले नहीं दिया जा रहा था। यानी उसके डिजाइन में कंपनी को कुछ बदलाव करने पड़ते हैं। ऐसे में हमारे आकलन के मुताबिक दो एयरबैग के अलावा 4 एडिशनल एयरबैग फिट करने की एक्सट्रा कीमत 30,000 रुपये तक आएगी। उदाहरण के तौर पर बता दें कि बलेनो इस वक्त देश की सबसे अफोर्डेबल 6 एयरबैग वाली कार है जिसमें ये फीचर सेकंड टाॅप जेटा वेरिएंट से मिलना शुरू होता है। मगर फिर, डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले इस वेरिएंट की कीमत 90,000 रुपये ज्यादा है, पर इसमें अच्छे खासे अन्य फीचर्स भी दिए गए हैं।
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इस तरह के अपग्रेड्स से जाहिर तौर पर कारों की एंट्री लेवल प्राइसिंग बढ़ेगी। यदि देश में ये नियम लागू हो गया तो ऑल्टो, वैगन आर, टियागो, केयूवी100 और क्विड जैसी छोटी कारें बंद भी हो सकती है। एक तरफ जहां मारुति अपने एंट्री लेवल मॉडल्स में 6 एयरबैग्स देने पर असमंजस की स्थिति में है तो वहीं दूसरी तरफ महिंद्रा ने कहा है कि सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) सरकार से डेडलाइन को आगे बढ़ाने के बारे में बातचीत कर रही है।














